(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी से नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह जांच उनके समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) द्वारा कथित रूप से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।
अधिकारियों ने बताया कि यस बैंक के खिलाफ कथित ऋण धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग मामले में अनिल अंबानी को शुक्रवार को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अनिल अंबानी (66) पूर्वाह्न करीब साढ़े 10 बजे मध्य दिल्ली स्थित संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे और रात आठ बजकर 20 मिनट पर कार्यालय से निकले। इससे पहले यस बैंक से कथित ऋण धोखाधड़ी में उनसे अगस्त 2025 में इस मामले में पूछताछ की गई थी।
एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया है।
आरकॉम मामले की जांच के तहत जनवरी में ईडी ने आरकॉम के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने पहले दावा किया था कि कथित तौर पर हेराफेरी की गई धनराशि को आरकॉम की कई विदेशी अनुषंगी कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के माध्यम से ‘‘डायवर्ट’’ किया गया था।
अंबानी और उनके समूह की विभिन्न कंपनियों पर ऋण धोखाधड़ी के आरोप हैं। ईडी ने हाल ही में इन सभी मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
एसआईटी का गठन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद किया गया।
ईडी ने बुधवार को धनशोधन रोधी कानून के तहत अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘एबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये बताई गई है।
ईडी द्वारा शीर्ष अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, उसने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के खिलाफ बैंक ऋण धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए धनशोधन के तीन मामले दर्ज किए हैं।
इस से संबंधित एक घटनाक्रम में, सीबीआई ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अंबानी और आरकॉम के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने 2013-17 के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा से धोखाधड़ी की, जिससे बैंक को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
एजेंसी ने उनके आवास और आरकॉम के कार्यालयों में भी तलाशी ली।
भाषा
शफीक पवनेश
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