विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी से हिंसा भड़की, केरल में माकपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन

विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी से हिंसा भड़की, केरल में माकपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन

विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी से हिंसा भड़की, केरल में माकपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन
Modified Date: May 27, 2026 / 08:24 pm IST
Published Date: May 27, 2026 8:24 pm IST

(तस्वीरों सहित)

तिरुवनंतपुरम, 27 मई (भाषा) केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी की कंपनी और एक रेत खनन कंपनी के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों के दौरान ईडी के अधिकारियों पर बुधवार को हमला किया गया वहीं छापेमारी के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

ईडी अधिकारियों द्वारा छापेमारी पूरी करने और परिसर छोड़ने के बाद विजयन के किराए के आवास के बाहर हिंसा भड़क उठी।

विजयन के आवास के बाहर संदिग्ध माकपा कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों को ले जा रहे वाहन समेत कम से कम तीन वाहनों पर हमला किया, जबकि पुलिस हिंसक भीड़ को रोकने में नाकाम रही। वाहन में एक महिला समेत ईडी के छह अधिकारी सवार थे।

छापेमारी के दौरान परिसर में आठ केंद्रीय सुरक्षाकर्मी तैनात थे। माकपा के वरिष्ठ नेता के आवास पर छापेमारी की खबर सुनकर पार्टी कार्यकर्ता और सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता विजयन के किराए के घर के बाहर जमा हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।

जैसे ही छापेमारी में शामिल ईडी के अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षाकर्मी विजयन के घर से निकले, प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहनों को घेरकर रास्ता रोक दिया और उन पर पत्थर व ईंटें फेंकना शुरू कर दिया। इससे गाड़ियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वाहनों पर लातें मारीं, खिड़कियों और शीशे पर मुक्के मारे और डंडे बरसाए तथा उन पर अंडे भी फेंके।

इस घटना में वाहनों के चालकों में से एक घायल हो गया। इसके बाद ईडी के अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए थंपानूर थाने गए। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा कर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के दौरान जिस वाहन को निशाना बनाया गया उसमें महिला अधिकारी भी सवार थीं।

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बारे में गृह विभाग और केरल पुलिस को पहले से कोई जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, “हमें सूचित नहीं किया गया था और न ही पुलिस की सहायता मांगी गई थी। ईडी ने छापेमारी करने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल किया।”

वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ईडी अधिकारियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे कानून के शासन पर हमला बताया।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने एक पोस्ट में कहा, “हिंसा भ्रष्ट लोगों का आखिरी सहारा है।”

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास के बाहर आज ईडी अधिकारियों और उनके वाहन पर हुए शर्मनाक हमले से माकपा की जवाबदेही को लेकर असहजता उजागर होती है।’’

भाजपा विधायक ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला करना और जांच में बाधा डालना राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि यह कानून के शासन पर प्रहार है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमेशा की तरह, कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपने राजनीतिक सहयोगी माकपा को बचाने के लिए चुप्पी साधे हुए है।’’

चंद्रशेखर ने कहा कि केरल के लोगों को सच्चाई जानने का हक है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई नेता, कोई पार्टी और कोई पूर्व मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है।’’

इससे पहले, जब विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी जारी थी, तब आक्रोशित माकपा कार्यकर्ताओं ने परिसर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हेलमेट, प्लास्टिक की बोतलें और पत्थर फेंके।

वहीं विजयन ने आरोप लगाया कि उनके परिसर में ईडी की तलाशी देश भर में विपक्षी नेताओं के खिलाफ लक्षित कार्रवाई का हिस्सा है।

बेकरी जंक्शन स्थित उनके घर पर ईडी अधिकारियों की घंटों चली तलाशी के बाद पत्रकारों से बातचीत में विजयन ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां उन्हें या माकपा को कमजोर नहीं कर सकेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह तो बस शुरुआत है। किसी को भी इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि ऐसी कार्रवाई से हमें डराया या कमजोर किया जा सकता है।’’

माकपा के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सत्ता में आने के बाद से ही विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, और दावा किया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई भी उसी रणनीति का हिस्सा है। यह कार्रवाई विजयन की बेटी टी. वीणा के खिलाफ सीएमआरएल धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई।

यह कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज किए जाने के एक दिन बाद की गई, जिसमें कंपनी ने मामले में ईडी की कार्यवाही रद्द करने का अनुरोध किया था। अदालत के फैसले के बाद केंद्रीय एजेंसी को जांच जारी रखने की अनुमति मिल गई।

ईडी के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 2024 में दर्ज मामले में आरोप है कि सीएमआरएल ने 2017 से 2020 के बीच वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की थी।

भाषा शोभना प्रशांत

प्रशांत


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