आई-पैक के परिसरों पर ईडी छापे पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतारने की हताश कोशिश: तृणमूल

आई-पैक के परिसरों पर ईडी छापे पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतारने की हताश कोशिश: तृणमूल

आई-पैक के परिसरों पर ईडी छापे पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतारने की हताश कोशिश: तृणमूल
Modified Date: April 2, 2026 / 06:54 pm IST
Published Date: April 2, 2026 6:54 pm IST

कोलकाता, दो अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के अधिकारियों से जुड़े परिसरों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से बृहस्पतिवार को की गई छापेमारी को पश्चिम बंगाल में पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतारने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की “हताश कोशिश” करार दिया।

‘आई-पैक’ तृणमूल कांग्रेस को भी राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान करती है। पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी “एकमात्र प्रतिद्वंद्वी (तृणमूल कांग्रेस)” के खिलाफ बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया।

अधिकारियों के मुताबिक, ईडी ने पश्चिम बंगाल में कोयले की तस्करी और चोरी से जुड़े कथित घोटाले की जांच के तहत बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली स्थित कई जगहों पर छापे मारे। उन्होंने बताया कि जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें ‘आई-पैक’ के सह-संस्थापक और निदेशक ऋषि राज सिंह से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।

तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने दावा किया कि ईडी की कार्रवाई का मकसद उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति का पता लगाना है, क्योंकि प्रचार शुरू हो चुका है और नेता पूरे राज्य में घूम रहे हैं।

उन्होंने कहा, “भाजपा ऐसे महत्वपूर्ण समय में तृणमूल कांग्रेस को केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से परेशान करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनवरी में भी ऐसा किया था और अब वे फिर से अपनी नापाक चाल चल रहे हैं।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी आठ जनवरी को कोलकाता में ‘आई-पैक’ के निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान वहां पहुंची थीं। उन्होंने केंद्रीय एजेंसी पर तृणमूल के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और चुनावी रणनीति से जुड़े संवेदनशील डिजिटल डेटा को जब्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। वह परिसर से कुछ दस्तावेज लेकर बाहर आते देखी गई थीं।

घोष ने कहा, “चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को भारी जनादेश मिलेगा और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। वे हमारी पार्टी को परेशान करने के लिए जितनी गंदी चालें चलेंगे, बंगाल की जनता से वे उतने ही दूर होते जाएंगे।”

पूर्व राज्यसभा सदस्य घोष इस बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने घोष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “ये छापे चुनावों से संबंधित नहीं हैं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ करीबी लोगों से जुड़े कोयला घोटाला और मवेशी तस्करी मामलों की चल रही जांच का हिस्सा हैं।”

उन्होंने सवाल किया, “क्या चुनाव से पहले भी इस तरह की छापेमारी नहीं हुई थी? ऐसे मामलों के सिलसिले में तृणमूल नेताओं और मंत्रियों को जेल भी जाना पड़ा है।”

सिन्हा ने कहा कि ममता जनवरी में कोलकाता में हुई छापेमारी में हस्तक्षेप करते हुए कुछ फाइलें “जबरदस्ती” अपने साथ ले गई थीं। उन्होंने कहा, “तृणमूल को यह पता होना चाहिए कि चाहे कुछ भी हो जाए, जांच जारी रहेगी और दोषी अब बच नहीं पाएंगे।”

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में