मानव-वन्यजीव टकराव से निपटने के लिए प्रयास तेज किये गये: कर्नाटक वन मंत्री

मानव-वन्यजीव टकराव से निपटने के लिए प्रयास तेज किये गये: कर्नाटक वन मंत्री

मानव-वन्यजीव टकराव से निपटने के लिए प्रयास तेज किये गये: कर्नाटक वन मंत्री
Modified Date: January 9, 2026 / 03:00 pm IST
Published Date: January 9, 2026 3:00 pm IST

मंगलुरु, नौ जनवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार में वन मंत्री ईश्वर खांडरे ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने मानव-वन्यजीव टकराव विशेषकर हाथियों व भेड़ियों के हमलों से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई, प्रौद्योगिकी के जरिए निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया के माध्यम से प्रयास तेज किए हैं।

खांडरे ने पक्षी उत्सव के मौके पर ‘हाकी अब्बा कार्यक्रम’ के लिए मंगलुरु में पिलिकुला निसर्गधाम यात्रा के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव दोनों की ही सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग समग्र उपायों को लागू कर रहा है।

उन्होंने जोर दिया कि राज्य का वन प्रशासन वन्यजीव से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के मामले में देश में सबसे सक्रिय विभागों में से एक है।

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मंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता मानव और जंगली पशुओं के बीच टकराव रोकना है। जहां कहीं भी पशु अपने क्षेत्र में मौजूद हैं, हमने उनकी और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं तैयार की हैं।”

खांडरे ने तटीय और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हाथियों के आवागमन के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार ने एक हाथी कार्यबल स्थापित किया है और साथ ही फील्ड स्तर पर प्रतिक्रिया प्रणालियों को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने विशेष चिंताएं व्यक्त की थीं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई है।

मंत्री ने कहा कि अधिकारी हाथियों के व्यवहार व आवागमन के रुख की समीक्षा कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि हाथी अकेले विचरण करते हैं या झुंड में निकलते हैं, जिसके बाद ही वे हाथियों को वन गलियारों में वापस भेजने या प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करने पर निर्णय करते हैं।

उन्होंने कहा कि कमांड सेंटर भी प्रतिक्रिया की समय सीमा और जवाबदेही की समीक्षा करता है।

खांडरे ने कहा, “हम तभी यह निर्धारित कर सकते हैं कि सूचना मिलने पर कितनी तेजी से अधिकारियों ने कार्रवाई की। इससे पारदर्शिता और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होती है।”

खांडरे ने कहा कि सरकार की योजना टकराव संभावित क्षेत्र में तैयारियों में सुधार के लिए अग्रणी पंक्ति के वन कर्मियों के लिए रिहाइशी सुविधाएं तैयार करने की भी है।

भाषा सं राजेंद्र मनीषा जितेंद्र

जितेंद्र


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