कश्मीर में उत्साह-उमंग के साथ मनाई गई ईद, जामा मस्जिद में नमाज की नहीं दी गई अनुमति

कश्मीर में उत्साह-उमंग के साथ मनाई गई ईद, जामा मस्जिद में नमाज की नहीं दी गई अनुमति

कश्मीर में उत्साह-उमंग के साथ मनाई गई ईद, जामा मस्जिद में नमाज की नहीं दी गई अनुमति
Modified Date: March 21, 2026 / 01:14 pm IST
Published Date: March 21, 2026 1:14 pm IST

(तस्वीरों सहित)

श्रीनगर, 21 मार्च (भाषा) कश्मीर में शनिवार को ईद-उल-फितर पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। डल झील के किनारे स्थित हजरतबल दरगाह में उमड़े मुस्लिमों ने नमाज अदा की और गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।

हालांकि, अधिकारियों ने श्रीनगर शहर में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी।

हजरतबल में 50 हजार से अधिक अकीदतमंदों ने सजदे में सिर झुकाया—यह कश्मीर में ईद की सबसे बड़ी सामूहिक नमाज़ रही।

शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित जामा मस्जिद के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, ताकि यहां नमाज के लिए लोगों की भीड़ न जुट सके।

अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने पूर्व में घोषणा की थी कि ईद की नमाज जामा मस्जिद में अदा की जाएगी और अधिकारियों से इस कोई प्रतिबंध न लगाने का आग्रह किया था।

कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “लगातार सातवें वर्ष भी पाबंदियों और नजरबंदियों के साये में जामा मस्जिद में ईद की नमाज पर रोक कायम है। खुशियों और इबादत का यह दिन मुसलमानों के लिए गम और वंचना में बदल गया है।’’

उन्होंने कहा, “यह हमारे दौर की कैसी विडंबना है कि जो लोग हमारी मस्जिदों और ईदगाहों के दरवाजों पर ताले जड़ते हैं, वही सबसे पहले हमें ‘ईद मुबारक’ कहने पहुंच जाते हैं!’’

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख हस्तियों ने हजरतबल दरगाह में नमाज अदा की।

ईद की नमाज के बाद अमेरिका और इजराइल विरोधी प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर शहर के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।

घाटी के सभी जिलों से ईद की नमाज के बड़े-बड़े इज्तिमा की खबरें आईं, जहां हजारों की तादाद में लोग इबादत के लिए जुटे।

अपने नए परिधानों में सजे हर उम्र और वर्ग के मुसलमान ईदगाहों, मस्जिदों और दरगाहों में नमाज अदा करने के लिए जुटे।

रमज़ान के मुकम्मल होने की खुशी में यह दिन रिश्तेदारों और दोस्तों से मुलाकात, गले मिलने, तोहफे और मुबारकबाद का आदान-प्रदान करने के साथ खास बन जाता है।

बच्चों के लिए तो ईद का इंतज़ार सबसे खास होता है—क्योंकि इसी दिन उन्हें ‘ईदी’ के रूप में नकद उपहार मिलते हैं

भाषा

तान्या खारी

खारी


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