जेएनयू में 2024 की हिंसा को लेकर हमारे आठ सदस्यों पर जुर्माना लगाया गया: एबीवीपी
जेएनयू में 2024 की हिंसा को लेकर हमारे आठ सदस्यों पर जुर्माना लगाया गया: एबीवीपी
नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) जेएनयू परिसर में मार्च 2024 की हिंसा में शामिल होने को लेकर विश्वविद्यालय के आठ छात्रों पर 19,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एबीवीपी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इसने विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संघ के बीच ‘सांठगांठ’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि जिनपर जुर्माना लगाया गया है वे सभी उसके सदस्य हैं
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक मार्च 2024 को चुनाव समिति के सदस्यों के चयन को लेकर दो गुटों के बीच हुई झड़प में कम से कम चार छात्र घायल हो गए थे। चुनाव के लिए ‘स्कूल जनरल बॉडी मीटिंग’ के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वाम समर्थित छात्र समूहों के बीच झड़प हुई थी।
जर्मन अध्ययन केंद्र में एमए के एक छात्र को जारी किए गए नोटिस के अनुसार भाषा, साहित्य और संस्कृति अध्ययन स्कूल में हुई हिंसा की जांच के बाद उस पर 19,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मुख्य निरीक्षक द्वारा नौ जनवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि छात्र को अनुशासनहीनता के कई कृत्यों का दोषी पाया गया है, जिसमें हिंसा में भाग लेना, छात्रों पर हमला करना, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करना और घेराव में भाग लेना शामिल है।
यह मानते हुए कि यह आचरण विश्वविद्यालय के छात्र के लिए अशोभनीय था और इसके लिए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की आवश्यकता थी, जेएनयू प्रशासन ने कहा कि उसने छात्र के करियर की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ‘कुछ हद तक नरम रुख’ अपनाया है।
नोटिस में लिखा था, ‘19,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को न दोहराने की कड़ी चेतावनी दी गई है।’
छात्र को आदेश जारी होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर जुर्माना जमा करने और भुगतान रसीद को निरीक्षक कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जुर्माने या सजा के विरुद्ध कोई भी अपील 20 दिनों के भीतर दायर की जानी चाहिए।
एबीवीपी की जेएनयू शाखा के सचिव प्रवीण पीयूष ने दावा किया कि उसके आठ सदस्यों पर 19,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एक बयान में, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) और विश्वविद्यालय प्रशासन पर परिसर में राष्ट्रवादी नारे लगाने वाले छात्रों को ‘चुनकर निशाना बनाने’ का आरोप लगाया।
जेएनयू प्रशासन और जेएनयूएसयू ने आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश

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