निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले कड़ी सुरक्षा योजना पेश की

निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले कड़ी सुरक्षा योजना पेश की

निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले कड़ी सुरक्षा योजना पेश की
Modified Date: April 26, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: April 26, 2026 7:03 pm IST

कोलकाता, 26 अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए रविवार को एक कड़ी सुरक्षा योजना पेश की, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि मतदान में विघ्न डालने या मतदाताओं को रोकने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

आयोग ने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि वे निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार तैनाती करें और अंदरुनी सड़कों एवं संवेदनशील इलाकों ‍में व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कदम उठाएं, ताकि मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।

तीन जिलों के चुनाव अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय बलों के कमांडरों की उपस्थिति में हुई एक बैठक में आयोग ने 29 अप्रैल को 142 निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की।

अधिकारी ने कहा कि योजना के तहत, 160 मोटरसाइकिलों पर दो-दो के हिसाब से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मी सवार होंगे और स्थानीय इलाकों में गश्त करेंगे।

इस बैठक में कोलकाता पुलिस के आयुक्त, कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारी, निर्वाचन अधिकारी, सामान्य एवं पुलिस पर्यवेक्षक, विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन के मिश्रा भी उपस्थित थे।

इस बीच दूसरे चरण के मतदान से पहले दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्विप का दौरा करने वाले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उनसे मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से मतदान करने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘हमने सभी से निवेदन किया है कि वे शांतिपूर्वक मतदान सुनिश्चित करें। फर्जी मतदान या बूथ कैप्चरिंग नहीं होने दी जाएगी। लोगों को बिना डर के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। जो भी इसे रोकने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, बूथों पर केंद्रीय बलों के कर्मी तैनात किए जाएंगे और लोगों को बिना अनुमति के मतदान परिसर के 100 मीटर के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

सीईओ ने कहा कि मतदाता मतदान के लिए घर से बाहर निकलें और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।

निर्वाचन आयोग राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत कई जिलों में इसी तरह की तैयारियों की समीक्षा कर रहा है।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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