चुनाव अधिकारी केरल सरकार के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश रच रहे: भाजपा
चुनाव अधिकारी केरल सरकार के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश रच रहे: भाजपा
तिरुवनंतपुरम, 28 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केरल इकाई के महासचिव एस. सुरेश ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) समेत चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी राज्य सरकार व सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के साथ मिलकर राज्य में स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश में शामिल हैं।
यहां संवाददाता सम्मेलन में सुरेश ने हालिया विवाद का जिक्र किया, जिसमें निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को जारी एक दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर पाई गई थी। इस मामले में एक अधिकारी को निलंबित किया गया है।
सुरेश ने कहा कि निलंबित अधिकारी नाम जैसल बी. अजीज है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका संबंध राज्य सचिवालय में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) यूनियन से है।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में सेवा में आए इस अधिकारी को कथित तौर पर डेमोक्रिटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जैसे संगठनों से संबंधों के कारण निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया था।
सुरेश ने कहा, “भाजपा को शक है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी समेत चुनाव आयोग के अधिकारी राज्य सरकार और माकपा की उस साजिश का हिस्सा बन गए हैं, जिसका उद्देश्य राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करना है।’’
यह मामला तब चर्चा में आया जब निर्वाचन आयोग द्वारा केरल में राजनीतिक दलों को भेजे गए एक दस्तावेज पर भाजपा की मुहर पाई गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर ने इसे लिपिकीय त्रुटि करार देते हुए संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया था।
इसके बाद, सोशल मीडिया पर भाजपा की मुहर वाला दस्तावेज साझा करने वाले लोगों से पोस्ट हटाने को कहा गया।
सुरेश के आरोपों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी या माकपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
केरल की 140 विधानसभा सीट के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा।
भाषा खारी माधव
माधव

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