केरल में मतदान के दिन डाक कर्मचारियों के लिए सवैतनिक अवकाश सुनिश्चित करें: जॉन ब्रिटास ने सिंधिया को पत्र लिखा
केरल में मतदान के दिन डाक कर्मचारियों के लिए सवैतनिक अवकाश सुनिश्चित करें: जॉन ब्रिटास ने सिंधिया को पत्र लिखा
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि केरल में विधानसभा चुनाव के लिए नौ अप्रैल को डाक कर्मचारियों को वैधानिक सवैतनिक अवकाश सुनिश्चित किया जा सके।
ब्रिटास ने अपने पत्र में केरल डाक सर्कल के उन निर्देशों पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिनमें सभी डाक कर्मचारियों को ‘आवश्यक सेवाओं में कार्यरत अनुपस्थित मतदाता (एवीईएस)’ माना गया है और उन्हें ‘अत्यंत सीमित’ समय सीमा के भीतर डाक मतपत्र का विकल्प चुनने का निर्देश दिया गया है।
डाक विभाग संचार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। दूरसंचार विभाग के साथ, यह सिंधिया के नेतृत्व वाले मंत्रालय के दो प्रमुख विभागों में से एक है।
ब्रिटास ने अपने पत्र में बताया कि 19 मार्च के परिपत्र में फॉर्म 12डी को 20 मार्च (ईद उल-फितर) तक एकत्र करने और संकलित विवरण को संबंधित कलेक्टर कार्यालयों में 22 मार्च (रविवार) तक जमा करने की आवश्यकता थी, जिस दोनों दिन केरल में छुट्टियां हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि इससे सार्थक अनुपालन मुश्किल हो जाता है और निर्देशों की ‘मनमानी’ प्रकृति के बारे में आशंकाएं बढ़ जाती हैं।
माकपा नेता ने यह भी बताया कि निर्वाचन आयोग ने 16 मार्च के एक पत्र में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत इस आवश्यकता को दोहराया है कि किसी भी प्रतिष्ठान में कार्यरत और मतदान के हकदार प्रत्येक व्यक्ति को मतदान के दिन बिना किसी कटौती या वेतन में कमी के सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जहां कुछ सेवाओं को आवश्यक माना जाता है, वहां भी लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक प्रथा यह रही है कि मतदान के दिन केवल न्यूनतम आवश्यक संचालन को ही बनाए रखा जाए और कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से मतदान करने के अवसर से वंचित नहीं किया जाए।
ब्रिटास ने दलील दी कि असम सहित इस महीने चुनाव वाले कुछ अन्य राज्यों में, वैधानिक प्रावधानों के अनुसार, अधिकांश डाक कर्मचारियों को मतदान के दिन अवकाश दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि 2021 के केरल चुनाव के दौरान, केवल कुछ आवश्यक व्यवस्थाओं को छोड़कर, डाक प्रतिष्ठानों ने मतदान के दिन अवकाश का पालन किया था।
ब्रिटास ने कहा कि वर्तमान वर्तमान बदलाव से कानून के लागू होने में असंगति को लेकर चिंता पैदा होती है और इससे कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों में अनावश्यक कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का मूल है। ब्रिटास ने सिंधिया से इस मामले की तत्काल जांच करने का आग्रह किया।
केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा और परिणाम चार मई को घोषित होंगे।
भाषा अमित रंजन
रंजन

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