ईयू व अमेरिका ने प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दवाओं के कारण भारत से झींगा मछली की 19 खेपें खारिज कीं

ईयू व अमेरिका ने प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दवाओं के कारण भारत से झींगा मछली की 19 खेपें खारिज कीं

ईयू व अमेरिका ने प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दवाओं के कारण भारत से झींगा मछली की 19 खेपें खारिज कीं
Modified Date: March 11, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: March 11, 2026 9:04 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से झींगा मछली के निर्यात की 19 खेपें इसलिए खारिज कर दी गईं, क्योंकि जांच में उनमें प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दवाएं मिलीं।

मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि झींगा मछली के निर्यात की सात खेपें यूरोपीय संघ (ईयू) ने और 12 खेपें अमेरिका ने खारिज कीं।

इस बीच, झींगा मछली में होने वाली बीमारियों के कारण किसी भी खेप के खारिज होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईआईसी की शिकायत निवारण प्रक्रिया और संबंधित आयातक देशों की ज़रूरतों के अनुसार कार्रवाई की गई है।’’

तटीय जलीय कृषि प्राधिकरण (सीएए) ने तटीय जलीय कृषि में एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह केवल प्रमाणित सामग्री के उपयोग की अनुमति देता है, और नियमों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।

यह संबंधित पक्षों को नोटिस और परामर्श भी जारी करता है। इसके अलावा, मत्स्य पालन मंत्रालय ने सभी तटीय राज्यों को निर्देश दिया है कि वे जलीय कृषि आपूर्ति श्रृंखला में होने वाले उल्लंघनों की निगरानी और उन पर दंड लगाने के लिए ‘एंटीबायोटिक कार्य बल’ का गठन करें।

भाषा राजेश राजेश अविनाश

अविनाश


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