पलक्कड़ में असंतुष्टों के सम्मेलन में पूर्व विधायक ने माकपा नेतृत्व पर साधा निशाना
पलक्कड़ में असंतुष्टों के सम्मेलन में पूर्व विधायक ने माकपा नेतृत्व पर साधा निशाना
पलक्कड़ (केरल), पांच मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व विधायक पी के सासी ने बृहस्पतिवार को चंद्रनगर में बागी विधायकों के एक सम्मेलन में भाग लेते हुए पार्टी के जिला नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा।
इसके बाद माकपा के जिला सचिव ई एन सुरेश बाबू ने घोषणा की कि पार्टी ने सासी को निष्कासित कर दिया है।
सासी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया जिसमें पलक्कड़ जिले में पार्टी से दूरी बना चुके सैकड़ों लोग मौजूद थे।
हाल ही में केरल पर्यटन विकास निगम (केटीडीसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले सासी कथित तौर पर आगामी विधानसभा चुनाव में ओट्टापलम निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं।
शोरनूर के पूर्व विधायक सासी को 2024 में जिला कमेटी से शाखा स्तर पर पदावनत कर दिया गया था। उन्होंने पिछले स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान जिले में पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में माकपा के सच्चे साथियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “यह बागियों का समूह नहीं है, बल्कि उन क्रांतिकारी कम्युनिस्ट का समूह है जिन्होंने अपने हौसले को नहीं छोड़ा और जो आत्मसम्मान और गरिमा को कायम रखते हैं।’’
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शामिल होने वाले लोग ऐसी स्थिति नहीं चाहते थे, लेकिन पलक्कड़ जिले में पार्टी की मौजूदा परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में, सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करते हुए, पलक्कड़ के कुछ नेताओं के कुकर्मों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। मैं यहां उन सभी भ्रष्ट कृत्यों का विवरण नहीं देना चाहता।”
उन्होंने पार्टी के जिला नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और अवैध शराब व्यापार में संलिप्त होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “शराब तस्करी के एक मामले में मुख्य आरोपी को पार्टी के जिला नेतृत्व में पदोन्नत किया गया। अवैध कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाने वालों और सच्चाई और पार्टी के लिए दृढ़ रुख अपनाने वालों के खिलाफ निलंबन, पदावनति और बर्खास्तगी सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।”
उन्होंने कहा, “चुनाव के दौरान चंदा जुटाने में कोई कमी नहीं आई। मुझे याद नहीं कि इससे पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर चंदा अभियान चलाए गए हों।”
उन्होंने माकपा के जिला सचिव ई एन सुरेश बाबू की भी आलोचना करते हुए उन्हें ‘शराब व्यापारी’ कहा। उन्होंने सवाल किया, “वह उस कुर्सी पर बैठे हैं जिस पर कई महान नेता बैठ चुके हैं। क्या हमें इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए कि यह कुर्सी एक शराब व्यापारी को दी गई है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश बाबू ने विभिन्न पार्टी समितियों में नेताओं के खिलाफ झूठे आरोप लगाए, जिसके बाद उन्हें पदावनत या निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि बाद में बाबू ने इन समितियों में अपनी पसंद के लोगों को नियुक्त किया, जिससे जिले में पार्टी निकायों को प्रभावित किया।
सासी ने कहा, “उनके प्रति असहमति के कारण, कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने संगठन छोड़ दिया और यहां तक कि कांग्रेस और मुस्लिम लीग में शामिल हो गए। जब तक वह पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे, यहां पार्टी का कोई भविष्य नहीं है।”
उन्होंने कहा, “पार्टी में ऐसा कोई जिला सचिव नहीं होगा जिसने पिछले पांच वर्षों में इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों को पार्टी के खिलाफ कर दिया हो। कोई भी उनके बारे में कुछ अच्छा नहीं कहता।”
उन्होंने आरोप लगाया कि साहूकार, शराबी और रियल एस्टेट कारोबारी पार्टी के जिला नेतृत्व का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “कुछ अच्छे नेता हैं जो पार्टी में हो रहे घटनाक्रमों को लेकर चिंतित हैं।”
यह सम्मेलन कोझिंजमपारा पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एम सतीश के नेतृत्व वाले एक समूह द्वारा आयोजित किया गया था, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।
आरोपों का जवाब देते हुए बाबू ने पत्रकारों से कहा कि सासी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और पूर्व विधायक द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों का जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप में सच्चाई साबित होती है, तो मैं अपना राजनीतिक करियर समाप्त करने के लिए तैयार हूं।’’ बाबू ने कहा कि उनकी पत्नी की आय के अलावा उनके पास कोई अन्य संपत्ति नहीं है।
उन्होंने पूछा कि क्या सासी अपनी संपत्ति और आय के स्रोतों का खुलासा करने के लिए तैयार होंगे।
भाषा
संतोष माधव
माधव

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