आबकारी ‘घोटाला’ : दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया, के. कविता और 20 अन्य को बरी किया; सीबीआई अपील करेगी

आबकारी ‘घोटाला’ : दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया, के. कविता और 20 अन्य को बरी किया; सीबीआई अपील करेगी

आबकारी ‘घोटाला’ : दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया, के. कविता और 20 अन्य को बरी किया; सीबीआई अपील करेगी
Modified Date: February 27, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: February 27, 2026 4:51 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को शराब नीति मामले में बरी कर दिया और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से नाराजगी जताते हुए कहा कि उसका मामला न्यायिक समीक्षा में खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा।

इस मामले में बरी किए गए 21 अन्य आरोपियों में तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता भी शामिल हैं।

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कहा, ‘‘इस अदालत को यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि रिकॉर्ड में रखी गई जानकारी से किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया भी कोई मामला नहीं बनता, और न ही कोई गंभीर शक है। इसलिए, आरोपी संख्या 1 से 23 को इस मामले में उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है।’’

सीबीआई आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।

एजेंसी ने कहा कि वह अधीनस्थ अदालत के फैसले के खिलाफ तत्काल दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि जांच के कई पहलुओं की या तो अनदेखी की गई या उन पर सही से विचार नहीं किया गया।

सिंह ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा लगता है कि जांच पहले से तय रास्ते पर आगे बढ़ी है, जिसमें नीति बनाने या लागू करने से जुड़े लगभग हर व्यक्ति को फंसाया गया है, ताकि एक कमजोर कहानी को गहराई और भरोसे का भ्रम दिया जा सके।

न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे आरोपों को गोवा विधानसभा चुनावों से जोड़ना कानूनी तौर पर टिकाऊ चीजों के बजाय धारणा पर ज्यादा आधारित है।

फैसला आते ही पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में ‘‘सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश’’ थी।

तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे केजरीवाल ने कहा, ‘‘अदालत ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ‘कट्टर ईमानदार’ हैं।’’

इस मामले में केजरीवाल छह महीने जेल में रहे, जबकि सिसोदिया करीब डेढ़ साल तक सलाखों के पीछे रहे।

अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार नीति विस्तृत विचार-विमर्श के परिणाम के बाद आई।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि उप राज्यपाल से सुझाव लेने के लिए कोई कानूनी या संवैधानिक जरूरत नहीं थी, लेकिन फाइल नोटिंग से साफ पता चलता है कि फिर भी ऐसे सुझाव मांगे गए, उनका अध्ययन किया और उन्हें शामिल किया गया। इस तरह, नीति बनाने की प्रक्रिया में ईमानदारी की पुष्टि दस्तावेजी रिकॉर्ड से हो जाती है।’’

अदालत ने कहा कि किसी आरोपी को किसी भी स्वीकार्य साक्ष्य के घोर अभाव में पूरी तरह आपराधिक मुकदमे की कठिनाइयों का सामना करने के लिए बाध्य करने से न्याय पूरा नहीं होता।

भाषा वैभव रंजन

रंजन


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