लोकसभा सीटों के विस्तार से दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है: ब्रिटास

लोकसभा सीटों के विस्तार से दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है: ब्रिटास

लोकसभा सीटों के विस्तार से दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है: ब्रिटास
Modified Date: April 12, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: April 12, 2026 7:02 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार को कहा कि लोकसभा सीटों के विस्तार से दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है और उन्होंने इस कवायद के समय पर सवाल उठाया।

ब्रिटास ने हालांकि कहा कि उनकी पार्टी 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के प्रस्तावित परिवर्तनों का समर्थन करेगी।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आनुपातिक आधार पर सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने के प्रस्ताव से उत्तरी राज्यों को 200 से अधिक सीट मिलेंगी, लेकिन दक्षिणी राज्यों को केवल लगभग 65 सीट ही मिलेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में अनुपात या प्रतिशत के बजाय पूर्ण संख्याएं मायने रखती हैं।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का असंतुलन ‘‘संघीय संतुलन और विविधता’’ को कमजोर कर सकता है।

उन्होंने संसद के विशेष सत्र को ‘‘जल्दबाजी’’ में बुलाया गया बताया और कहा कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब दो महत्वपूर्ण राज्यों – पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु – में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सत्र को स्थगित कर दिया जाए।

सदन के नेताओं को लिखे पत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए, उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने के कदम का स्वागत किया और इसे एक महत्वपूर्ण सुधार बताया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से महिलाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व का समर्थन करती रही है और 2023 में कानून पेश किए जाने पर इसके तत्काल कार्यान्वयन की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि पार्टी प्रस्तावित परिवर्तनों का समर्थन करेगी ताकि इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू किया जा सके।

भाषा देवेंद्र नरेश

नरेश


लेखक के बारे में