पटियाला में रेलवे पटरी पर विस्फोट; खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार

पटियाला में रेलवे पटरी पर विस्फोट; खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार

पटियाला में रेलवे पटरी पर विस्फोट; खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार
Modified Date: April 28, 2026 / 10:48 pm IST
Published Date: April 28, 2026 10:48 pm IST

चंडीगढ़, 28 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई समर्थित खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल ने सोमवार देर रात पटियाला के शंभू इलाके के पास एक मालगाड़ी कॉरिडोर की पटरी पर विस्फोट किया, जिसमें एक संदिग्ध की मौत भी हो गई। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि समूह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट सोमवार रात शंभू-अंबाला रेलवे पटरी के पास हुआ। उन्होंने बताया कि शुरू में इसे कम तीव्रता का विस्फोट माना गया था लेकिन बाद में जांच से पता चला कि यह पटरी को विस्फोट से उड़ाने की साजिश थी।

पिछले तीन महीनों में मालगाड़ी कॉरिडोर को निशाना बनाकर किया गया यह दूसरा हमला था। इससे पहले जनवरी में, फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में एक ‘डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर’ की पटरी पर हुए विस्फोट में एक ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और एक लोको पायलट घायल हो गया था।

पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट बोथोनिया गांव के पास सोमवार रात को हुआ।

विस्फोट के कारण पटरी को भी कुछ नुकसान पहुंचा और रेल लाइन के नीचे एक छोटा सा गड्ढा बन गया।

पुलिस ने बताया कि विस्फोट करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति की विस्फोटक उपकरण लगाते समय मौत हो गई। उपकरण को ठीक से न संभाल पाने के कारण विस्फोट हुआ। पुलिस को संदेह है कि विस्फोटक सामग्री के रूप में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था।

विस्फोटक का प्रकार और उसकी मात्रा हालांकि फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी।

पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल ने बताया कि कोयले से लदी एक ट्रेन के उस मार्ग से गुजरने से ठीक पहले विस्फोट हुआ।

डीआईजी ने कहा कि ‘लोको पायलट’ ने कुछ असामान्य महसूस किया और अधिकारियों को जानकारी दी।

पुलिस ने मृतक संदिग्ध की पहचान तरन तारन जिले के पंजवार गांव के निवासी जगरूप सिंह के रूप में की है। डीआईजी चहल ने बताया कि वह उस आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसे मलेशिया से चलाया जा रहा था।

विस्फोट इतना भीषण था कि जगरूप के शव के टुकड़े विस्फोट स्थल से लगभग 200 फीट दूर बिखरे हुए मिले।

डीआईजी ने बताया कि जगरूप ने निहंगों का लिबास पहना हुआ था।

चहल ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि जगरूप के साथ एक और व्यक्ति भी हो सकता है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल ने बताया कि चार लोगों प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह, सतनाम सिंह और गुरप्रीत सिंह को इस संबंध में गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप और कुलविंदर मानसा के रहने वाले हैं जबकि सतनाम और गुरप्रीत तरन तारन के निवासी हैं।

सतनाम, जगरूप सिंह का छोटा भाई है।

प्रदीप खालसा इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना है और उसके मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक संचालकों से घनिष्ठ संबंध थे। डीआईजी ने बताया कि वह कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था और उन्हें आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कार्य सौंपता था।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदीप ‘चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारीये’ नामक एक कट्टरपंथी संगठन भी चला रहा था तथा उस पर मानसा में 4-5 मामले दर्ज थे।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके कब्जे से एक हथगोला, दो पिस्तौल, गोला-बारूद, भविष्य में विस्फोट करने के इरादे से बनाए गए अन्य अत्याधुनिक संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए हैं।

डीआईजी ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जगरूप इस मॉड्यूल के संपर्क में था।

चहल ने कहा कि 2019 में वह मलेशिया भी गया था, जहां से यह मॉड्यूल चलाया जा रहा था। उन्होंने आगे बताया कि इस समूह की योजना राज्य में आतंक का माहौल बनाने और शांति भंग करने की थी।

खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ जगरूप के जुड़ाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे जांच के बाद ही इस पर टिप्पणी कर सकते हैं।

तरन तारन जिले के पंजवार गांव के सरपंच मनजीत सिंह ने बताया कि जगरूप अमृतपाल के समर्थकों में से एक था और उसने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान अमृतपाल के पक्ष में वोट मांगे थे।

अमृतपाल वर्तमान में 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के मामले में असम की जेल में बंद है।

डीजीपी ने बताया कि जगरूप के खिलाफ भी 2024 में तरनतारन में एक मामला दर्ज किया गया था।

विस्फोट स्थल का दौरा करने वाली विशेष पुलिस महानिदेशक (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी ने बताया कि यह इस तरह की दूसरी घटना है, इसलिए एनआईए जांच की पूरी संभावना है।

उन्होंने इलाके में सीसीटीवी कवरेज की कमी को भी उजागर किया और गलियारे में नियमित दूरी पर कैमरे लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस बीच पटियाला के एसएसपी वरूण शर्मा ने कहा, घटनास्थल से मिले सिम कार्ड समेत वैज्ञानिक साक्ष्य प्राप्त करने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

राजकीय रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि रेलवे पटरी पर मरम्मत का काम पूरा हो गया है और रेल यातायात बहाल कर दिया गया है।

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाषा

प्रशांत वैभव

वैभव


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