निजी अस्पताल में युवक की मौत पर परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

निजी अस्पताल में युवक की मौत पर परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

निजी अस्पताल में युवक की मौत पर परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
Modified Date: July 5, 2026 / 05:18 pm IST
Published Date: July 5, 2026 5:18 pm IST

रांची, पांच जुलाई (भाषा) पिछले महीने सड़क दुर्घटना में लगी चोटों के इलाज में कथित लापरवाही के कारण यहां एक निजी अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं।

लातेहार जिले के रहने वाले राजू कुमार पांडेय को 24 मई को सड़क दुर्घटना के बाद गंभीर हालत में राज्य की राजधानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उनकी मौत हो गई।

एक अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गंभीर संक्रमण से उस व्यक्ति की मौत हुई और उनसे ज़्यादा पैसे लिए गए।

निजी अस्पताल के एक प्रवक्ता ने सभी आरोपों का खंडन किया और कहा कि सभी प्रक्रियाओं में तय चिकित्सा मानकों का पालन किया गया।

सोशल मीडिया पर एक निजी अस्पताल में परिवार के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर तोड़-फोड़ करने का वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। हालांकि ‘पीटीआई-भाषा’ इस क्लिप की सच्चाई की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

शनिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, सोरेन ने रांची के उपायुक्त को मामले का तुरंत संज्ञान लेने और इसकी जांच करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें और उसी के अनुसार सूचित करें।”

एक अधिकारी ने बताया कि रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सिविल सर्जन को तुरंत इस मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया।

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने कहा, “जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों को निजी अस्पताल जाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”

निजी अस्पताल के प्रवक्ता ने हालांकि कहा कि जीवनरक्षक प्रणाली, सर्जरी, रक्त आधान और गहन चिकित्सा इकाई देखभाल समेत सभी इलाज तय चिकित्सा मानकों के अनुसार किए गए।

उन्होंने कहा, “डॉक्टरों ने मरीज के बाएं पैर की नसें बुरी तरह खराब होने और संक्रमण की वजह से उसे काटने की सलाह दी थी लेकिन परिवार ने इससे इनकार कर दिया।” साथ ही, उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि पीड़ित के परिवार से 20 लाख रुपये से ज़्यादा रकम वसूली गई थी।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश


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