किसान प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस को अस्थायी जेलों के रूप में स्टेडियमों के उपयोग की अनुमति नहीं

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किसान प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस को अस्थायी जेलों के रूप में स्टेडियमों के उपयोग की अनुमति नहीं

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  • Publish Date - November 27, 2020 / 10:33 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:58 PM IST

नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी आने वाले किसान प्रदर्शनकारियों के लिए शहर के स्टेडियमों का अस्थायी जेलों के रुप में उपयोग करने की अनुमति दिल्ली पुलिस को देने से आप सरकार ने शुक्रवार को इनकार कर दिया।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान विरोध कर रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

दिल्ली पुलिस के अनुरोध को खारिज करते हुए दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हर भारतीय नागरिक को शांतिपूर्वक विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है जिसके लिए उन्हें जेलों में नहीं रखा जा सकता।

प्रमुख गृह सचिव को लिखे पत्र में जैन ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए और किसानों को जेलों में डालना इसका समाधान नहीं है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आप सरकार से शहर के नौ स्टेडियमों को आंदोलनकारी किसानों के लिए अस्थायी जेलों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी।

एक सूत्र न कहा था, ‘‘किसानों के मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेलों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देने को कहा है ताकि हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किसानों को वहां रखा जा सके।”

भाषा शुभांशि पवनेश

पवनेश