किसानों की पदयात्रा : हरियाणा ने खनौरी अंतर-राज्यीय सीमा को सील किया

किसानों की पदयात्रा : हरियाणा ने खनौरी अंतर-राज्यीय सीमा को सील किया

किसानों की पदयात्रा : हरियाणा ने खनौरी अंतर-राज्यीय सीमा को सील किया
Modified Date: August 16, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: August 16, 2026 5:59 pm IST

खनौरी, 16 अगस्त (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले किसानों के खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करने के लिए एकत्र होने के बीच हरियाणा पुलिस ने रविवार को अंतरराज्यीय सीमा पर कई स्तरों के अवरोधक लगाकर रास्ता बंद कर दिया।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला गांव से दिल्ली के जंतर-मंतर तक 228 किलोमीटर लंबी ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ का आह्वान किया है। यह पदयात्रा 29 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में किसान पंचायत के साथ समाप्त होगी।

यह पदयात्रा प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर निकाली जा रही है।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने हरियाणा-पंजाब सीमा पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।

खनौरी अंतरराज्यीय सीमा के हरियाणा वाले हिस्से में प्रशासन ने कंक्रीट के अवरोधक लगाए हैं, और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया है। इसके अलावा कंटीले तार भी लगाए गए हैं।

जींद जिले के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को कहा कि किसानों के पास पदयात्रा की अनुमति नहीं है।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अंतरराज्यीय सीमा के पंजाब वाले हिस्से में संवाददाताओं से कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से 51 किसान पदयात्रा में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगी। करीब 200 स्वयंसेवक और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के समर्थक भी किसानों के साथ रहेंगे।

हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर डल्लेवाल ने कहा, ‘‘यह अवरोधक भाजपा सरकार को बेनकाब करते हैं। पहले उन्हें तब समस्या होती थी जब किसान ट्रैक्टर लेकर आते थे। अब जब किसानों का एक छोटा समूह पैदल दिल्ली जाना चाहता है, तब भी उन्हें समस्या है और वे हमें आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। इससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्वक आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इतने भारी अवरोधक लगाए हैं। अब सभी को पता होना चाहिए कि रास्ते किसान नहीं, बल्कि सरकार रोकती है।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि खनौरी से पदयात्रा शुरू होने से पहले हरियाणा पुलिस ने संगठन के कुछ नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया है।

प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में डल्लेवाल ने कहा कि इसका भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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