फारूक ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की

फारूक ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की

फारूक ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की
Modified Date: March 5, 2026 / 11:40 am IST
Published Date: March 5, 2026 11:40 am IST

(फाइल फोटो के साथ)

कटरा/जम्मू, पांच मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों की बृहस्पतिवार को कड़ी निंदा की और कहा कि किसी भी देश को दूसरे राष्ट्र पर अपना नियंत्रण थोपने का अधिकार नहीं है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष पर अपना रुख स्पष्ट करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ईरान एक स्वतंत्र देश है। अमेरिका ने उस पर हमला किया; यह गलत है। किसी भी अन्य देश पर आक्रमण करना गलत है। किसी भी देश को दूसरे राष्ट्र पर अपना नियंत्रण थोपने का अधिकार नहीं है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ भी ऐसा ही किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

व्यापक परिणामों की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध का प्रभाव आने वाले दिनों में पूरी दुनिया में महसूस किया जा सकता है और उन्होंने आगाह किया कि स्थिति एक बड़े वैश्विक संघर्ष में तब्दील हो सकती है, संभवतः तीसरे विश्व युद्ध में भी।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ बड़ा होने की आशंका है और आखिर में तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत भी हो सकती है। हमें इसके बारे में पता नहीं है’’। उन्होंने कहा कि स्थिति को जिम्मेदारी से संभाला जाना चाहिए।

घटनाक्रम को लेकर जनता की भावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों में गुस्सा है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मुसलमानों में गुस्सा है। विरोध प्रदर्शन होने चाहिए, लेकिन वे शांतिपूर्ण होने चाहिए।’’

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के विरोध में कश्मीर घाटी में प्रदर्शन हुए हैं।

देश के रुख से संबंधित एक अन्य प्रश्न का जवाब में उन्होंने कहा कि अपना पक्ष प्रस्तुत करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में