सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5.30 करोड़ रुपये की ठगी, पिता-पुत्री गिरफ्तार

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5.30 करोड़ रुपये की ठगी, पिता-पुत्री गिरफ्तार

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5.30 करोड़ रुपये की ठगी, पिता-पुत्री गिरफ्तार
Modified Date: June 8, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: June 8, 2026 6:01 pm IST

बेंगलुरु, आठ जून (भाषा) बेंगलुरु पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 से अधिक लोगों से 5.30 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति और उसकी बेटी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दावा किया था कि उनके कई प्रभावशाली लोगों से संपर्क हैं, जिनकी मदद से वे सरकारी विभागों में नौकरी दिलवा सकते हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान मंसूर अहमद और उसकी बेटी शमशाद बेगम के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 17 नवंबर 2025 को एक पीड़ित की शिकायत के बाद केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने मामले की जांच शुरू की थी। आरोपियों ने मुख्य रूप से उत्तर कर्नाटक के 40 से अधिक लोगों को निशाना बनाया।

पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी पिता-पुत्री नौकरी के इच्छुक लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नेताओं से करीबी संबंध हैं, जिनके माध्यम से वे केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरी दिला सकते हैं।

पुलिस के मुताबिक, उन दोनों ने रेलवे, आयकर, सिंचाई, स्वास्थ्य और समाज कल्याण जैसे विभागों में नौकरी दिलाने का वादा किया था।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ितों से 5.30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली, फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए और बेंगलुरु, मुंबई तथा कोलकाता में कथित तौर पर नकली प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए।

अधिकारी के अनुसार, पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को चार महीने का वेतन भी दिया गया।

जांच के दौरान पांच जून को मंसूर अहमद और शमशाद बेगम को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ठगी गई रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप


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