‘बंटवारा 1947’ की कहानी से जुड़ाव महसूस हुआ, माता-पिता से विभाजन के कई किस्से सुने : सनी
‘बंटवारा 1947’ की कहानी से जुड़ाव महसूस हुआ, माता-पिता से विभाजन के कई किस्से सुने : सनी
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उन्होंने बचपन में अपने माता-पिता और दादा-दादी से विभाजन के दौर के कई किस्से सुने थे, जिसकी वजह से उन्हें फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की कहानी से काफी जुड़ाव महसूस हुआ।
सनी ने कहा कि वह और निर्देशक राजकुमार संतोषी इस फिल्म को कई वर्षों से पर्दे पर लाना चाहते थे।
सनी और संतोषी ने 1990 के दशक में ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी सफल फिल्मों में साथ काम किया था। दो अब भारत और पाकिस्तान के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के लिए एक बार फिर साथ आए हैं।
‘बंटवारा 1947’ असगर वजाहत के लोकप्रिय नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ई नई’ पर आधारित है।
सनी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक समूह साक्षात्कार में कहा, “मैंने अपने माता-पिता और दादा-दादी से उस दौर के बहुत-से किस्से सुने हैं, इसलिए मुझे पता है कि उस समय क्या हुआ था। जब मैंने यह कहानी सुनी, तो मुझे यह अपनी-सी लगी… हमने इसे पहली बार 2010 में सुना था और तभी से इस पर काम करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके।”
संतोषी ने भी कहा कि ‘बंटवारा 1947’ पर काम करते समय उन्होंने सनी के परिवार, जिसमें उनके दिवंगत पिता धर्मेंद्र भी शामिल थे, से विभाजन से जुड़ी कहानियां सुनी थीं।
आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, करण दओल और अली फजल भी अहम किरदारों में नजर आएंगे।
भाषा तान्या पारुल
पारुल

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