भ्रष्टाचार मामले में अदालत के आदेश पर हरियाणा के पूर्व मंत्री कटारिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

भ्रष्टाचार मामले में अदालत के आदेश पर हरियाणा के पूर्व मंत्री कटारिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

भ्रष्टाचार मामले में अदालत के आदेश पर हरियाणा के पूर्व मंत्री कटारिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Modified Date: April 28, 2026 / 03:05 pm IST
Published Date: April 28, 2026 3:05 pm IST

गुरुग्राम, 28 अप्रैल (भाषा) हरियाणा में गुरुग्राम की एक अदालत के आदेश पर पुलिस ने कथित तौर पर सरकारी अनुदान के दुरुपयोग के लिए पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया और चार अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार-रोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एक स्थानीय अदालत ने सेक्टर-12 निवासी ओम प्रकाश कटारिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले को गंभीर माना था और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

एक साल पहले दायर की गई याचिका में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बतौर मंत्री अपने ही घर की मरम्मत के लिए लगभग 20 लाख रुपये का अनुदान जारी किया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, अनुदान को अनंत सिंह, शर्मिला देवी और बसंती देवी के नाम पर स्वीकृत दिखाया गया था, जबकि वास्तव में वह मकान पूर्व मंत्री का था। उन्होंने बताया कि दावे के समर्थन में बिजली बिल सहित दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत ने इस मामले में गुरुग्राम पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद, पुलिस ने दो रिपोर्ट दाखिल कर पूर्व मंत्री को ‘क्लीन चिट’ दे दी।

हालांकि, अदालत ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनुदानों की पुष्टि तो हो गई थी, लेकिन उनकी वैधता का ठीक से सत्यापन नहीं किया गया था। इसके बाद अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

अदालत ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह संज्ञेय अपराध बन जाता है और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत के निर्देश पर न्यू कॉलोनी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और विस्तृत जांच जारी है।

संपर्क करने पर कटारिया ने बताया कि इस मामले में दो बार एसआईटी का गठन किया जा चुका है और उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी गई है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि सभी सरकारी अनुदान डीसी और एसडीम के माध्यम से सत्यापन के बाद ही दिए जाते हैं।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में