सुरक्षा, स्वास्थ्य कारणों से जम्मू-कश्मीर के शोपियां में रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने पर रोक
सुरक्षा, स्वास्थ्य कारणों से जम्मू-कश्मीर के शोपियां में रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने पर रोक
श्रीनगर, छह जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में अधिकारियों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने पर रोक लगा दी।
जिलाधिकारी शिशिर गुप्ता ने एक आदेश में कहा कि यह बात सामने आई है कि शोपियां जिले में, खासकर रात 10 बजे के बाद, आतिशबाजी से काफी ज्यादा शोर-शराबा होता है, जिससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जैसे कि सांस लेने में तकलीफ़, दिल से जुड़ी बीमारियां और नींद न आना।
आदेश में कहा गया कि इससे “आतंकवाद रोधी अभियानों में सुरक्षाबलों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा होती है” और आम लोगों, खासकर बुजुर्गों, शिशुओं, मरीजों तथा छात्रों के बीच घबराहट और अफरातफरी फैलती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटाखे फोड़ने से अचानक तेज आवाज होती है, जिससे जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सुरक्षाबलों को बेवजह सतर्कता स्तर बढ़ाना होता है और रात के समय उनकी काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा, “देर रात पटाखे फोड़ने से लोगों को परेशानी होती है, शांति भंग होती है और इलाके की शांति, व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होता है। सामान्य कानूनी प्रावधानों से इसका समाधान नहीं किया जा सकता क्योंकि इसके लिए तुरंत एहतियाती कार्रवाई की जरूरत होती है।”
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का इस्तेमाल करते हुए, जिलाधिकारी ने कहा कि शोपियां जिले की सीमा के भीतर रात 10 बजे के बाद सभी तरह के पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी; इसमें हवा में छोड़े जाने वाले पटाखे और लड़ियों वाले पटाखे भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “यह आदेश जारी होने की तारीख से तुरंत लागू होगा और दो महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि इसे पहले वापस न ले लिया जाए या किसी बाद के आदेश द्वारा इसकी अवधि न बढ़ाई जाए।”
जिलाधिकारी ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन या इसे न मानने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भाषा प्रशांत नेत्रपाल
नेत्रपाल

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