मणिपुर के कांगपोकपी में हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी

मणिपुर के कांगपोकपी में हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी

मणिपुर के कांगपोकपी में हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी
Modified Date: January 8, 2026 / 12:15 pm IST
Published Date: January 8, 2026 12:15 pm IST

इंफाल, आठ जनवरी (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बृहस्पतिवार सुबह दो हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि खराम वाइफेई में कथित तौर पर अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने गए प्रतिबंधित जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ) (एस कामसन) के संदिग्ध सदस्यों और हथियारबंद कुकी भूमिगत समूहों के बीच गोलीबारी हुई।

अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि गोलीबारी अब बंद हो चुकी है।

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अतिरिक्त सुरक्षा बलों को आसपास के क्षेत्रों में भेजा गया है।

गोलीबारी की आवाज से इंफाल पश्चिम जिले के बाहरी गांवों में तनाव और दहशत पैदा हो गई, जो कांगपोकपी जिले के साथ सीमा साझा करते हैं और 2023 और 2024 में कुकी और मेइती समूहों के बीच बड़े पैमाने पर गोलीबारी के गवाह रहे हैं।

इस बीच, जेडयूएफ एस कामसन ने एक बयान में कहा कि खरम वाइफेई में सुबह लगभग सात बजकर 40 मिनट पर हथियारबंद कुकी समूहों के साथ उसकी गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियां, जैसे अवैध अफीम की खेती और ‘कुकी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समूहों’ के भूमिगत शिविर बनाने की सूचना मिली है।

मई 2023 से मणिपुर में जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसा तब शुरू हुई जब मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में एक ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ का आयोजन किया गया।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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