होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर गोलीबारी; भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर गोलीबारी; भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर गोलीबारी; भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया
Modified Date: April 19, 2026 / 12:29 am IST
Published Date: April 19, 2026 12:29 am IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) होर्मुज जलडमरूमध्य में कच्चा तेल ले जा रहे भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों पर शनिवार को ईरानी सैन्य बलों की ओर से गोलीबारी के बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस घटना पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को इस “गोलीबारी की घटना” पर भारत की “गहरी चिंता” से अवगत कराया।

मंत्रालय ने कहा कि मिसरी ने ‘‘व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के प्रति भारत के महत्व पर जोर दिया और यह भी याद दिलाया कि ईरान पहले भारत जाने वाले कई जहाजों के सुरक्षित आवागमन में सहयोग करता रहा है।’’

करीब छह सप्ताह पहले अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया था। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

तेहरान द्वारा शुक्रवार को जलमार्ग को वाणिज्यिक यातायात के लिए खोलने की घोषणा किए जाने के बाद कई जहाजों ने इसे पार करने का प्रयास किया, लेकिन शनिवार को ईरान ने यह आरोप लगाते हुए जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया कि अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते का उल्लंघन किया है।

ईरानी राजदूत के साथ बैठक में विदेश सचिव ने उनसे इस घटना पर भारत के पक्ष से ईरानी अधिकारियों को अवगत कराने को कहा।

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा, “व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर चिंता जताते हुए विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वह भारत के दृष्टिकोण से ईरान के अधिकारियों को अवगत कराएं और होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत आने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन को जल्द बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कराएं।”

बयान में कहा गया कि राजदूत फताअली ने भारत की चिंताओं से ईरानी अधिकारियों को अवगत करने का आश्वासन दिया।

इससे पहले, सरकारी सूत्रों ने बताया कि ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

जहाजों के आवागमन पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम’ के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गोलीबारी के बाद दोनों भारतीय जहाजों को जलडमरूमध्य में अपना रास्ता बदलना पड़ा।

इस सप्ताह की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने समुद्री जहाजों के “सुरक्षित और निर्बाध” आवागमन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी और कहा था कि व्यापारिक जहाजों पर हमले “पूरी तरह अस्वीकार्य” हैं।

उन्होंने ये टिप्पणियां ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान पर चर्चा के लिए जापान द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में की थीं।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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