हाजियों का पहला जत्था स्वदेश पहुंचा, हवाई अड्डे पर किरेन रीजीजू ने उनका स्वागत किया

हाजियों का पहला जत्था स्वदेश पहुंचा, हवाई अड्डे पर किरेन रीजीजू ने उनका स्वागत किया

हाजियों का पहला जत्था स्वदेश पहुंचा, हवाई अड्डे पर किरेन रीजीजू ने उनका स्वागत किया
Modified Date: June 2, 2026 / 07:57 pm IST
Published Date: June 2, 2026 7:57 pm IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) सऊदी अरब के मक्का और मदीना में पवित्र हज यात्रा संपन्न करने के बाद हाजियों का पहला जत्था मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।

दिल्ली राज्य हज कमेटी के एक बयान के मुताबिक, देश भर से 1.75 लाख से ज्यादा लोग हज यात्रा के लिए मक्का और मदीना गए थे और मंगलवार से इन हाजियों के स्वदेश वापस आने का सिलसिला शुरू हो गया।

बयान में कहा गया है कि सऊदी एयरलाइन का एक विमान 371 हाजियों को जेद्दा से लेकर यहां पहुंचा और रीजीजू ने उनका स्वागत किया।

हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने बताया कि इस साल भारतीय हाजियों के लिए न केवल भारत में बल्कि मक्का, मदीना, मीना व अराफात में भी अधिक सुविधाओं की व्यवस्था की गयी।

उन्होंने कहा कि भारतीय हज यात्रियों को पहले मक्का से मदीना और मदीना से मक्का बसों से ले जाया जाता था जिसमें पांच घंटे से अधिक का समय लगता था, लेकिन इस साल हाजियों को बसों की जगह बुलेट ट्रेन से ले जाया गया।

हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरफी ने बताया कि इन 371 हाजियों में दिल्ली के 191, उत्तर प्रदेश के 160, बिहार के 12, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के दो-दो व उत्तराखंड के चार हाजी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 54 उड़ानें हाजियों को 30 जून तक राष्ट्रीय राजधानी लेकर आएंगी।

बयान के मुताबिक, दिल्ली ‘हज इम्बारकेशन प्वाइंट’ से 21,032 हाजी सऊदी अरब गए थे जिनमें से दिल्ली के 3212 यात्री थे।

इसमें कहा गया है कि इनमें हरियाणा के 1626, उत्तर प्रदेश के 10992, बिहार के 1374, जम्मू-कश्मीर के 1053, उत्तराखंड के 1348, राजस्थान के 444, झारखंड के 230, मध्य प्रदेश के 209, हिमाचल प्रदेश के 67, पंजाब के 308, गुजरात के सात, पश्चिम बंगाल के 60, असम के 26, छत्तीसगढ़ के 14, कर्नाटक के सात, चंडीगढ़ के 31, ओडिशा के नौ, तमिलनाडु के तीन, तेलंगाना, लद्दाख, त्रिपुरा व अरुणाचल प्रदेश के दो-दो और महाराष्ट्र के चार हज यात्री शामिल हैं।

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश


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