एनआईटी कुरुक्षेत्र में छात्रों की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित

एनआईटी कुरुक्षेत्र में छात्रों की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित

एनआईटी कुरुक्षेत्र में छात्रों की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित
Modified Date: April 19, 2026 / 03:08 pm IST
Published Date: April 19, 2026 3:08 pm IST

कुरुक्षेत्र, 19 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र ने परिसर में हाल में छात्रों के आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है, साथ ही छात्रों की समस्याओं की जांच के लिए तीन अलग-अलग समितियां भी बनाई हैं।

जांच समिति इस मुद्दे पर छात्रों, प्रोफेसर, वार्डन और अन्य कर्मचारियों के साथ बातचीत करेगी।

एनआईटी के जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर ज्ञान भूषण ने रविवार को कहा कि परिसर में हाल में हुई आत्महत्या की घटनाओं की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।

समिति की अध्यक्षता छात्र कल्याण विभाग की डीन प्रोफेसर लिली दीवान कर रही हैं और इसमें प्रोफेसर जे.के. कपूर, प्रोफेसर प्रवीण अग्रवाल, डॉ. संदीप सिंघल और डॉ. मनोज सिन्हा शामिल हैं।

बिहार की रहने वाली 19 वर्षीय बी.टेक छात्रा दीक्षा दुबे ने बृहस्पतिवार को कथित तौर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद यह समिति गठित की गई है।

छात्रा की मृत्यु के बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। दुबे की मृत्यु पिछले दो महीनों में परिसर में हुई इस तरह की चौथी घटना थी।

पुलिस ने बताया था कि दुबे की कथित आत्महत्या के बाद शुक्रवार रात को बीटेक प्रथम वर्ष की एक अन्य छात्रा ने भी कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया था।

मूल रूप से महाराष्ट्र की निवासी छात्रा ने कथित तौर पर धमकी दी और छात्रावास की इमारत से कूदने की कोशिश की, लेकिन उसके सहपाठियों ने उसे रोक लिया।

प्रोफेसर भूषण ने यह भी कहा कि प्रशासन ने घटनाओं के मद्देनजर और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी छात्रों को रविवार तक छात्रावास खाली करने का आदेश दिया है।

संस्थान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए और सभी छात्रों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों के लिए अगले आदेश तक अवकाश रहेगा।

एनआईटी प्रशासन की ओर से जारी एक नोटिस के अनुसार, उन्हें 19 अप्रैल तक अपने छात्रावास खाली करने होंगे।

छात्रावासों में रह रहे लगभग 5,300 छात्रों में से 2,500 से अधिक छात्रों ने संस्थान के नोटिस के बाद शनिवार तक अपने कमरे खाली कर दिए।

दूरदराज के राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही है।

प्रशासन ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षाओं समेत संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की सूचना उचित समय पर दी जाएगी। छात्रों को परीक्षा शुरू होने से काफी पहले सूचित कर दिया जाएगा।

एनआईटी के प्रभारी रजिस्ट्रार द्वारा शनिवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि छात्रों को आगे की घोषणाओं के लिए संस्थान की वेबसाइट पर अपडेट रहने की सलाह दी जाती है।

दुबे के मामले में पुलिस जांच भी जारी है।

भाषा सुरभि जोहेब

जोहेब


लेखक के बारे में