Petrol Diesel Price Hike: महंगाई की एक और मार! 5 रुपए तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, इस वजह से सरकार ने लिया बड़ा फैसला

महंगाई की एक और मार! 5 रुपए तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, Govt Hike Petrol Diesel Price by 5 RS

Petrol Diesel Price Hike: महंगाई की एक और मार! 5 रुपए तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, इस वजह से सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Petrol Diesel Price Hike. Image Source- IBC24 Coustomize

Modified Date: April 19, 2026 / 06:18 pm IST
Published Date: April 19, 2026 6:15 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आम आदमी पर महंगाई की एक और मार!
  • बढ़ सकते हैं पेट्रोल और डीजल के दाम
  • सरकार के विधेयक को लोकभवन ने दी मंजूरी

शिमलाः Petrol Diesel Price Hike: महंगाई की मार झेल रही आम आदमी को एक और बड़ा झटका लग सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर बढ़ सकती है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश की सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने का विधेयक बीतें दिनों विधानसभा में लाया था। इस विधेयक को अब लोकभवन ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही शनिवार को इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि अभी सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कब से लागू किया जाएगा।

Petrol Diesel Price Hike: बता दें कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने के संबंध में एक विधेयक पारित किया गया था। सरकार ने कहा था कि इस सेस के जरिए जुटाई जाने वाली राशि विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए बनाई गई विशेष निधि में जमा की जाएगी। विधेयक को मंजूरी के लिए लोकभवन भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। अब प्रदेश सरकार कभी भी पेट्रोल और डीजल पर पांच रुपये सेस लगाने का फैसला ले सकती है। विधेयक पारित होते ही सरकार अब इसे लागू कर सकती है। ऐसे में लोगों को और महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सेस की सटीक दरें सरकार द्वारा अलग से तय की जाएंगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ नहीं डाला जाएगा।

हालांकि, सीएम सुक्खविन्द्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष के विरोध के बाद कहा था कि वह सेस लगाने के लिए अधिकार के लिए बिल लाए हैं। उन्होंने कहा था कि पांच रुपये सेस नहीं लगाया जाएगा। उस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया था कि सरकार फिलहाल केवल सेस लगाने का अधिकार ले रही है और वास्तविक दरों का निर्धारण बाद में किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार चाहे तो सेस न लगाने का फैसला भी ले सकती है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।