फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और मीशो के खिलाफ 2025 में हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें : सरकार

फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और मीशो के खिलाफ 2025 में हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें : सरकार

फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और मीशो के खिलाफ 2025 में हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें : सरकार
Modified Date: August 12, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: August 12, 2026 8:38 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि 2025 में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें जिन शीर्ष 10 ‘ई-कॉमर्स’ कंपनियों के खिलाफ दायर की गईं, उनमें फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और मीशो शामिल हैं।

उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस सूची में शामिल अन्य प्लेटफॉर्म मिंत्रा, नेटमेड्स, जेप्टो, ब्लिंकिट, नापतोल, वीएलई बाजार और नायका हैं।

सदन में साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार, फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे अधिक 1.33 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके बाद एमेजॉन (91,248), मीशो (29,284), मिंत्रा (25,384), नेटमेड्स (19,895), जेप्टो (5,774), ब्लिंकिट (5,102), नापतोल (4,079), वीएलई बाजार (3,907) और नायका (3,405) का स्थान है।

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लगभग 1,12,01,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।

वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 25 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच उपभोक्ताओं को 91 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में मदद की, जिसमें से 63 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी शिकायतों से संबंधित थी।

उन्होंने कहा कि यह रिफंड दावे से जुड़ी 1,47,000 से अधिक उपभोक्ता शिकायतों को कानूनी कार्रवाई से पूर्व के चरण में ही सुलझाकर हासिल किया गया।

मंत्री ने बताया कि 2025 में हेल्पलाइन पर ‘क्विक कॉमर्स’ से जुड़ी कुल 5.11 लाख शिकायतें मिलीं, और उन सभी का निपटारा कर दिया गया।

वर्ष 2025 में शिकायतों की सबसे बड़ी श्रेणी उत्पादों की डिलीवरी न होनी थी, जिसके तहत 79,818 मामले दायर किये गए। अन्य आम शिकायतों में गलत उत्पाद की डिलीवरी, नियम के अनुसार ‘रिप्लेसमेंट’ या रिफंड देने से इनकार, खराब या क्षतिग्रस्त सामान की डिलीवरी, भुगतान की गई रकम का रिफंड न मिलना, सेवा की खराब गुणवत्ता, नकली उत्पाद की बिक्री और उपभोक्ता की सहमति के बिना रकम अनधिकृत रूप से ले लेना शामिल था।

यह हेल्पलाइन उपभोक्ता मामले विभाग के तहत संचालित होता है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश


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