असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, दो और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 68 हुई

असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, दो और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 68 हुई

असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, दो और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 68 हुई
Modified Date: July 27, 2026 / 10:01 am IST
Published Date: July 27, 2026 10:01 am IST

गुवाहाटी, 27 जुलाई (भाषा) असम में इस वर्ष आई बाढ़ से दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, फिर भी राज्य के पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि रविवार को चराइदेव जिले में दो लोगों की मौत हुई। यह जिला अब भी सबसे अधिक प्रभावित है, जहां करीब 1.90 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

प्रभावित अन्य जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि चार जिलों में कुल 354 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 37,724 विस्थापित लोगों को आश्रय और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपात सेवा तथा पुलिस सहित कई एजेंसियां बचाव और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

राज्य के विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है।

उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है और प्रभावित जिलों में बिजली बहाली का काम लगातार जारी है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के बाद बिजली विभाग की टीमें शिवसागर, जोरहाट, चराइदेव, धुबरी, बोंगाईगांव और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जांच पूरी करते हुए चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने और प्रत्येक प्रभावित समुदाय के जीवन को सामान्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के बाद पुनर्वास कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा तथा स्कूलों और क्षतिग्रस्त हुए सभी बुनियादी ढांचे की समयबद्ध तरीके से मरम्मत और पुनर्बहाली सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में चावल सहित खाद्यान्न की बोरियां लगातार भेजी जा रही हैं, चिकित्सकों की टीम लोगों को चिकित्सा सहायता दे रही है और जहां जरूरज है वहां आवश्यक सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही है।

भाषा गोला शोभना

शोभना


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