ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, कई इलाकों में पानी भरने से 12.85 लाख लोग प्रभावित
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, कई इलाकों में पानी भरने से 12.85 लाख लोग प्रभावित
भुवनेश्वर, 20 अगस्त (भाषा) ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और छह जिलों में 12.85 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं, जबकि बृहस्पतिवार को बालासोर के कई नए इलाकों में भी पानी भर गया। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि सुवर्णरेखा नदी में बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे बाढ़ का पानी चरम स्तर पर पहुंच गया। जलेश्वर के राजघाट में नदी का जलस्तर 11.82 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। हालांकि, सुबह नौ बजे तक जलस्तर घटकर 11.6 मीटर हो गया, लेकिन यह अब भी खतरे के निशान से ऊपर था।
विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि नदी में आई बाढ़ के कारण भोगराई और बलियापाल प्रखंडों के नए इलाकों में पानी भर गया है। उन्होंने कहा कि भोगराई प्रखंड की 28 ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि बलियापाल प्रखंड के 20 क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का पानी गांवों और धान के खेतों में भर जाने के बाद बालासोर जिला प्रशासन ने प्रभावित प्रखंडों में अतिरिक्त राहत और बचाव दल तैनात किए हैं।
बालासोर जिला आपातकालीन कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, “राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा मोचन बल (ओडीआरएफ), अग्निशमन सेवाओं और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात कर बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।”
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि पड़ोसी राज्य झारखंड में गलुडीह बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ गया। उन्होंने बताया कि कम दबाव के क्षेत्र के कारण नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भी बहुत भारी बारिश हुई।
सुवर्णरेखा के अलावा बालासोर में जालका और बूढ़ाबलंगा नदियां भी उफान पर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुवर्णरेखा, जालका और बूढ़ाबलंगा नदियों में आई बाढ़ से बालासोर जिले के 331 गांव प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का पानी बालासोर जिले में जलेश्वर और चंदनेश्वर को जोड़ने वाले राज्य राजमार्ग-57 पर भर गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
पाटिल ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि बाढ़ की स्थिति जल्द सुधर जाएगी, हालांकि बालासोर में हालात सामान्य होने में कुछ और दिन लग सकते हैं।
बाढ़ से प्रभावित छह जिले बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर हैं। इन जिलों में बाढ़ के पानी के कारण तटबंध टूट गए हैं, गांवों में पानी भर गया है और सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है।
प्रशासन के अनुसार, कुल 4,28,475 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 728 राहत शिविरों में ठहराया गया है।
केंद्रपाड़ा जिले में बैतरणी, खारस्रोता, ब्राह्मणी और कानी नदियों में आई बाढ़ ने चिंता बढ़ा दी है। राजकनिका प्रखंड की बरहा डोमांडा पंचायत के कैमा कानपुर के पास लूना नदी का तटबंध करीब 50 फुट तक टूट गया, जिससे चार ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले गांवों में पानी भर गया।
भद्रक के जिलाधिकारी सोमेश उपाध्याय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में बारिश नहीं होने से जिले में बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि बैतरणी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक भद्रक जिले में करीब 2.7 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई ग्राम पंचायतों में अब भी पानी भरा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन सालंदी नदी पर कड़ी नजर रख रहा है और मयूरभंज तथा क्योंझर के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश की निगरानी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नलिया नदी का जलस्तर भी कम हुआ है। हदगढ़ बांध से करीब 70 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
जाजपुर जिले में भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। बैतरणी और सालंदी नदियां इस जिले से होकर बहती हैं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, मयूरभंज और क्योंझर में स्थिति बाकी चार जिलों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, उसने ओडिशा के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जताया है।
भाषा तान्या मनीषा
मनीषा

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