केरल के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी कम हुआ, तीन जिलों में ‘रेड’ अलर्ट

केरल के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी कम हुआ, तीन जिलों में ‘रेड’ अलर्ट

केरल के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी कम हुआ, तीन जिलों में ‘रेड’ अलर्ट
Modified Date: August 6, 2026 / 03:23 pm IST
Published Date: August 6, 2026 3:23 pm IST

तिरुवनंतपुरम, छह अगस्त (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के तीन जिलों में बृहस्पतिवार को अत्यधिक तेज बारिश होने का अनुमान जताते हुए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में पानी कम होना शुरू हो गया है।

मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वाह्न एक बजे पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों के लिए दिनभर का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया।

‘रेड अलर्ट’ का अर्थ 24 घंटे में 204 मिलीमीटर से अधिक अत्यधिक तेज बारिश होने की आशंका है, जबकि ‘ऑरेंज’ अलर्ट 115 से 204 मिलीमीटर तक बहुत तेज बारिश की संभावना को दर्शाता है।

विभाग ने कोल्लम, अलप्पुझा, एर्णाकुलम, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए भी बृहस्पतिवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया।

अधिकारियों ने बताया कि पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और एर्णाकुलम जिलों के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है।

हालांकि, अलप्पुझा जिले के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड क्षेत्रों में अब भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है लेकिन जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है।

अलप्पुझा जिला प्रशासन के अनुसार, चेरथला, अंबालापुझा, कुट्टनाड, कार्तिकप्पल्ली, मावेलिक्करा और चेंगन्नूर तालुकों में 118 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

इन राहत शिविरों में 5,012 परिवारों के कुल 14,646 लोग रह रहे हैं।

अलप्पुझा-चंगनास्सेरी और अंबालापुझा-तिरुवल्ला मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं जिससे आवाजाही बाधित हो रही है।

जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।

शुक्रवार के लिए पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को भारी बारिश के दौरान नदियों और अन्य जलाशयों में नहीं जाने की सलाह दी है।

प्राधिकरण ने लोगों से तेज बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने और झरनों, जलाशयों तथा पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर नहीं जाने का भी आग्रह किया।

वाहन चालकों को जलाशयों के पास की सड़कों और उन मार्गों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जहां मरम्मत कार्य जारी है क्योंकि भारी बारिश में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

प्राधिकरण ने लोगों को नदियों और अन्य जलाशयों पर बने पुलों पर घूमने या सेल्फी लेने के लिए एकत्र नहीं होने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में रात के समय यात्रा से बचने की भी सलाह दी।

उसने तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से जुड़ी दुर्घटनाओं की आशंका के प्रति भी आगाह किया।

भाषा

सिम्मी नरेश

नरेश


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