गिर वन क्षेत्र में चार शावकों की मौत, संक्रमण के डर से 17 शेरों को अलग रखा गया

गिर वन क्षेत्र में चार शावकों की मौत, संक्रमण के डर से 17 शेरों को अलग रखा गया

गिर वन क्षेत्र में चार शावकों की मौत, संक्रमण के डर से 17 शेरों को अलग रखा गया
Modified Date: May 27, 2026 / 10:53 pm IST
Published Date: May 27, 2026 10:53 pm IST

अहमदाबाद, 27 मई (भाषा) गुजरात के गिर वन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में चार शावकों की मौत हो गई, जबकि 17 शेरों को अलग रखा गया है। संक्रमण के कारण शावकों की मौत होने का संदेह है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटनाक्रम पर एक उच्चस्तरीय बैठक की।

गांधीनगर में हुई बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विनोद राव द्वारा मुख्यमंत्री के साथ साझा की गई जानकारी के आधार पर जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि गिर वन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में चार शेर के शावकों की मौत हो गई है और 17 (वयस्क) शेरों को अलग रखकर उनकी देखभाल की जा रही है।

राव ने बताया कि गिर गढ़ाड़ा और बाबरिया क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी शेरों की गहन निगरानी की जा रही है और उनमें बीमारी के कोई अन्य लक्षण नहीं पाए गए हैं।

वन विभाग द्वारा अमरेली और भावनगर जिलों के महसुली क्षेत्र के भी सभी शेरों की गहन निगरानी की जा रही है और दैनिक रिपोर्ट प्राप्त की जा रही हैं।

उन्होंने बताया, ‘ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत में देखी जाने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के तहत, गिर क्षेत्र में 350 से अधिक शेरों के लिए स्वास्थ्य संबंधी उपाय किए जा रहे हैं।’

वर्ष 2025 की गणना में गुजरात में 891 एशियाई शेर मौजूद होने की जानकारी दी गई थी।

भाषा राखी सुरेश

सुरेश


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