ओडिशा के कारलापट वन्यजीव अभयारण्य में 11 दिनों में चार मादा हाथियों की मौत

ओडिशा के कारलापट वन्यजीव अभयारण्य में 11 दिनों में चार मादा हाथियों की मौत

ओडिशा के कारलापट वन्यजीव अभयारण्य में 11 दिनों में चार मादा हाथियों की मौत
Modified Date: November 29, 2022 / 07:50 pm IST
Published Date: February 13, 2021 10:06 am IST

भवानीपटना, 13 फरवरी (भाषा) ओडिशा के कालाहांडी जिले में कारलापट वन्यजीव अभ्यारण्य में 11 दिनों में कम से कम चार मादा हाथियों की मौत हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

चौथे जानवर की मौत का पता बृहस्पतिवार को तब चला जब वन अधिकारियों को अभयारण्य के अंदर घुसुरीगुडी नाला के पास मादा हाथी के शव का अवशेष मिला।

अधिकारी ने कहा कि इसी इलाके से नौ और दस फरवरी को भी हथिनियों की मौत के मामले सामने आए थे।

सूचना के मुताबिक इस तरह का पहला मामला एक फरवरी को तब सामने आया था जब अधिकारियों को अभयारण्य के अंदर तेंतुलीपाड़ा गांव के निकट एक मादा हाथी का शव मिला था।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक शशि पाल ने कहा कि हाथियों की मौत जीवाणु के संक्रमण की वजह से हुई थी।

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि अभयारण्य के जल निकायों का पानी संक्रमित हो।

एक अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम से पता चला कि मादा हाथी गर्भवती थी और उसकी मौत घाव के सड़ने (सेप्टीसीमिया) से हुई।

कालाहांडी (दक्षिण मंडल) के मंडल वन अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि मृत हथिनी का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सक द्वारा किया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा कि पहले हाथी की मौत की प्रयोगशाला जांच भुवनेश्वर स्थित ओडिशा कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वन्यजीव स्वास्थ्य केंद्र में किया गया था और इसमें पता चला कि मौत रक्तस्रावी सेप्टीसीमिया की वजह से हुई थी।

रक्तस्रावी सेप्टीसीमिया जीवाणु संक्रमण का घातक स्वरूप है जिसमें सांस लेने में मुश्किल समेत कई समस्याएं एक साथ होने लगती हैं।

भाषा प्रशांत नीरज

नीरज


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