पुरी के गजपति महाराजा ने इस्कॉन से ‘असमय’ रथ यात्राएं बंद करने का आग्रह किया

पुरी के गजपति महाराजा ने इस्कॉन से ‘असमय’ रथ यात्राएं बंद करने का आग्रह किया

पुरी के गजपति महाराजा ने इस्कॉन से ‘असमय’ रथ यात्राएं बंद करने का आग्रह किया
Modified Date: July 5, 2026 / 10:04 pm IST
Published Date: July 5, 2026 10:04 pm IST

भुवनेश्वर, पांच जुलाई (भाषा) पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने इस्कॉन पर भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा और रथ यात्रा शास्त्रसम्मत तिथियों के बजाय अन्य दिनों में आयोजित कर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) के अध्यक्ष दिव्यसिंह देव ने इस्कॉन के शासी निकाय आयोग (जीबीसी) के अध्यक्ष श्री मधुसेविता दास प्रभु को पत्र लिखकर अक्टूबर 2025 में लिए गए निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि इस्कॉन दुनिया भर में रथ यात्रा का आयोजन केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाले नौ दिवसीय पारंपरिक उत्सव के दौरान ही करे।

देव ने कहा कि पुरी का 12वीं शताब्दी का श्री जगन्नाथ मंदिर भगवान जगन्नाथ का ‘मूल पीठ’ है और वह पहले भी इस्कॉन से स्नान यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा तथा रथ यात्रा शास्त्रों में निर्धारित तिथियों पर ही मनाने का अनुरोध कर चुका है।

हालांकि, इस्कॉन कई देशों में अलग-अलग तिथियों पर इन उत्सवों का आयोजन करता रहा है।

देव ने इस्कॉन की मध्य प्रदेश के 66 स्थानों पर 16 से 25 जुलाई के बीच रथ यात्रा आयोजित करने की योजना पर भी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि स्कंद पुराण में महर्षि वेदव्यास के अनुसार स्वयं भगवान जगन्नाथ ने स्नान यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा और रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होकर नौ दिनों तक मनाने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘शास्त्रों और प्राचीन परंपराओं के विपरीत इन उत्सवों का आयोजन दुनिया भर के असंख्य श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।’’

साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान कृष्ण की शिक्षाओं का पालन करने का दावा करने वाला इस्कॉन इन पर्वों का आयोजन वर्ष भर अलग-अलग तिथियों पर क्यों करता है।

भाषा गोला नरेश

नरेश


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