गोवाःकांग्रेस ने छात्रों, शिक्षकों की योग दिवस पर उपस्थिति अनिवार्य करने के फैसले का विरोध किया

गोवाःकांग्रेस ने छात्रों, शिक्षकों की योग दिवस पर उपस्थिति अनिवार्य करने के फैसले का विरोध किया

गोवाःकांग्रेस ने छात्रों, शिक्षकों की योग दिवस पर उपस्थिति अनिवार्य करने के फैसले का विरोध किया
Modified Date: June 20, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: June 20, 2026 9:07 pm IST

पणजी, 20 जून (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को मांग की कि राज्य शिक्षा विभाग उस परिपत्र को वापस ले, जिसमें स्कूली छात्रों और शिक्षकों के लिए योग दिवस कार्यक्रमों में शामिल होना अनिवार्य किया गया है।

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून (रविवार) को योग सत्र आयोजित करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने एक बयान में कहा, ‘‘योग एक व्यक्तिगत पसंद है और इसे कभी भी अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रविवार ही वह एकमात्र दिन है जब कई परिवार एक साथ समय बिताते हैं। गोवा में कई समुदायों के लिए यह दिन प्रार्थना और धार्मिक रीति-रिवाजों का भी दिन होता है।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि माता-पिता को यह तय करने की आजादी होनी चाहिए कि उनके बच्चे अपनी साप्ताहिक छुट्टी कैसे बिताएं।

चोडनकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा की गोवा इकाई की ‘मेडिकल सेल’ की सह-संयोजक डॉ. स्नेहा भागवत ने कहा कि इस परिपत्र का राजनीतिकरण किया जाना ‘‘दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण’’ है। उन्होंने कहा कि छात्र अपने घर के पास किसी भी जगह पर योग सत्र में शामिल हो सकते हैं।

स्नेहा ने कहा, ‘‘योग स्वास्थ्य, भलाई और मानसिक व भावनात्मक स्थिरता के लिए है, जो छात्रों के लिए लाभदायक है।’’

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश


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