गोवा: उच्च न्यायालय ने पोंडा उपचुनाव संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की, फैसला सुरक्षित रखा
गोवा: उच्च न्यायालय ने पोंडा उपचुनाव संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की, फैसला सुरक्षित रखा
पणजी, दो अप्रैल (भाषा) बम्बई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के खिलाफ दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली। एक याचिकाकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जमसंदेकर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं, राज्य सरकार और एक हस्तक्षेपकर्ता की ओर से दलीलें सुनीं।
तत्कालीन राज्य कृषि मंत्री रवि नाइक के निधन के बाद पोंडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान नौ अप्रैल को होना है।
याचिकाकर्ताओं जोकि पोंडा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं, ने दलील दी कि नव निर्वाचित विधायक का कार्यकाल एक वर्ष से कम होगा।
याचिकाकर्ताओं ने इसे कानून के विरुद्ध बताया।
याचिकाओं में उल्लेख किया गया है कि विधायक का कार्यकाल कम से कम एक वर्ष का होना चाहिए।
गोवा में अगला विधानसभा चुनाव मार्च 2027 में होना है।
याचिकाकर्ता अंकिता कामत का प्रतिनिधित्व कर रहे नितिन सरदेसाई ने बताया कि मामले पर बहस समाप्त होने के बाद पीठ ने अपना फैसला अगली तारीख के लिए सुरक्षित रख लिया।
सरदेसाई ने कहा कि इस उपचुनाव को ‘स्पष्ट रूप से अवैध, मनमाना और असंवैधानिक’ बताते हुए चुनौती दी गई है।
उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार, अगर किसी निर्वाचित सदस्य की सीट उसके कार्यकाल के दौरान रिक्त हो जाती है, तो छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है। हालांकि, कानून यह भी कहता है कि अगर उस रिक्ति का शेष कार्यकाल एक वर्ष से कम है, तो चुनाव नहीं कराया जा सकता।”
सरदेसाई ने कहा कि याचिकाकर्ता ने यह बताया है कि हालांकि विधायक नाइक का निधन अक्टूबर 2025 में हो गया था, फिर भी सीट के लिए चुनाव नौ अप्रैल 2026 को हो रहा है।
उन्होंने कहा कि चूंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 तक ही है, इसलिए नए विधायक का कार्यकाल मई से लगभग दस महीने का होगा।
भाषा जितेंद्र पवनेश
पवनेश

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