गोवा : टीसीपी अधिनियम की धारा के खिलाफ प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी
गोवा : टीसीपी अधिनियम की धारा के खिलाफ प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी
पणजी, 24 फरवरी (भाषा) रिवोल्यूशनरी गोवन्स पार्टी (आरजीपी) के विधायक वीरेश बोरकर मंगलवार को नगर एवं ग्रामीण नियोजन अधिनियम की एक धारा के ‘दुरुपयोग’ के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में फिर से शामिल हुए। इस धारा का उद्देश्य एक आदिवासी क्षेत्र को ‘बस्ती क्षेत्र’ में परिवर्तित करना है।
बीस फरवरी को शुरू हुए इस प्रदर्शन का आज चौथा दिन है। शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठे बोरकर को कथित तौर पर पुलिस ने घसीटा और उनके साथ धक्का-मुक्की की। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान बोरकर की तबीयत बिगड़ने पर सोमवार रात उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरजीपी के अध्यक्ष मनोज परब ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधायक ने अस्पताल में रहने से इनकार कर दिया और आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन में फिर से शामिल हो गए।
उन्होंने कहा, ‘बोरकर ने कहा है कि जब तक नगर एवं ग्रामीण नियोजन अधिनियम की धारा 39ए को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक वह आंदोलन वापस नहीं लेंगे।’
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उत्तरी गोवा के सेंट आंद्रे विधानसभा क्षेत्र के पालेम-सिरीदाओ गांव में 84,000 वर्ग मीटर भूमि को नगर एवं ग्रामीण नियोजन (टीसीपी) विभाग द्वारा अधिनियम की धारा 39ए के प्रावधानों का दुरुपयोग करके गैर-बस्ती क्षेत्रों से बस्ती क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया गया था।
इस अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 20 फरवरी को शुरू हुए, जब पालेम-सिरीदाओ गांव के कुछ ग्रामीणों ने टीसीपी विभाग के कार्यालय तक मार्च किया और आरोप लगाया कि उनके गांव की पहाड़ियों को इस विवादास्पद धारा के तहत परिवर्तित किया जा रहा है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने पणजी के पास डोना पौला में मंत्री और टीसीपी नेता विश्वजीत राणे के घर तक मार्च किया।
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश

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