गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक समीर मोदी पर हमले से जुड़ा मामला रद्द

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक समीर मोदी पर हमले से जुड़ा मामला रद्द

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक समीर मोदी पर हमले से जुड़ा मामला रद्द
Modified Date: April 27, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: April 27, 2026 4:27 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया’ के पूर्व कार्यकारी निदेशक समीर मोदी पर 2024 में बोर्ड की एक बैठक के दौरान हुए कथित हमले को लेकर उनकी मां एवं उद्योगपति बीना मोदी, उनके निजी सुरक्षा गार्ड सुरेंद्र प्रसाद और वरिष्ठ वकील ललित भसीन के खिलाफ दायर आपराधिक मामले को सोमवार को रद्द कर दिया।

सिगरेट एवं तंबाकू उत्पाद के कारोबार से जुड़ी कंपनी ‘गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया’ के पूर्व कार्यकारी निदेशक, समीर, वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हुए और उन्होंने न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी को बताया कि उन्होंने अपनी मां बीना और दो अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत वापस ले ली है।

बीना, भसीन और प्रसाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मामला रद्द किया जाता है।’’ इन तीनों ने समीर के साथ हुए सुलहनामे के बाद मामले को रद्द करने का अनुरोध किया था।

इससे पहले, बीना, प्रसाद और भसीन ने मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

साकेत स्थित निचली अदालत ने 10 फरवरी को तीनों आरोपियों को 7 मई को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

यह मामला जून 2024 में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रसाद ने बीना के कहने पर समीर पर उस वक्त हमला किया, जब वह जीपीआई कार्यालय में बोर्ड की एक बैठक में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। समीर ने दावा किया कि इस घटना के दौरान उनके दायें हाथ की एक उंगली टूट गई थी।

एक मार्च 2025 को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर प्रसाद को मुख्य आरोपी बनाया जबकि बीना और भसीन को पर्याप्त सबूतों के अभाव में आरोप मुक्त कर दिया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 30 मई 2024 को समीर कार्यकारी निदेशक के रूप में बोर्ड की बैठक में भाग लेने के लिए गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया कार्यालय गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसाद ने बीना के कहने पर उन्हें बैठक कक्ष में प्रवेश करने से रोक दिया और जब उन्होंने बैठक में शामिल होने पर जोर दिया तो उन पर हमला किया।

शिकायत के अनुसार, समीर के दायें हाथ की तर्जनी उंगली टूट गई और उसकी शल्य चिकित्सा की आवश्यकता थी। चिकित्सा-कानूनी प्रमाण पत्र (एमएलसी) में चोट को गंभीर बताया गया था। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी एकत्रित साक्ष्य का हिस्सा थी।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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