रोहिंग्या शरणार्थियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानती है सरकार

रोहिंग्या शरणार्थियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानती है सरकार

रोहिंग्या शरणार्थियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानती है सरकार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:10 pm IST
Published Date: September 15, 2017 7:40 am IST

 

नई दिल्ली। रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजने को लेकर सुप्रीम कोर्ट मंे दाखिल सरकार के हलफनामें को केंद्र सरकार ने होल्ड करने की अपील की है। केंद्र इस हलफनामें में पुनः बदलाव कर उसे पुनः दाखिल करना चाहता है। मौजूदा हलफनामें में सरकार ने कहा है कि रोहिंग्या भारत में नहीं रह सकते क्योकि ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। केंद्र ने खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा की कुछ रोहिंग्या आतंकी संगठनों के साथ मिले हुए है। इसके इतर केंद्र पहले कह चुका है कि कोर्ट को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए क्योंकि ये मौलिक अधिकारों के तहत नहीं आता। भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र के नियमों अनुसार अवैध रूप से देश में घुसे रोहिंग्याओं पर कारर्रवाई करने के लिए आजाद है। अगली सुनवाई 18 सितंबर को होनी है। वैसे इससे पहले गृह राज्य मंत्र किरेन रिजिजू साफ कर चुके है कि देश में करीब 40 हजार रोहिंग्या अवैध तरीके से भारत में रह रहे है। 


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