एनपीए के मुद्दे पर पंजाब में सरकारी चिकित्सक तीन दिन की हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

एनपीए के मुद्दे पर पंजाब में सरकारी चिकित्सक तीन दिन की हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

एनपीए के मुद्दे पर पंजाब में सरकारी चिकित्सक तीन दिन की हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: July 12, 2021 11:49 am IST

चंडीगढ़, 12 जुलाई (भाषा) पंजाब में डॉक्टरों के गैर प्रैक्टिस भत्ते (एनपीए) पर राज्य सरकार की चुप्पी के खिलाफ प्रदेश के सरकारी चिकित्सक तीन दिन की हड़ताल पर चले गये हैं जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

पंजाब लोक चिकित्सा सेवा एसोसिएशन के प्रधान डॉ गगनदीप सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं निलंबित हैं। इनमें ओपीडी और इलेक्टिव सर्जरी (वैकल्पिक शल्य चिकित्सा) शामिल हैं।

प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कहा कि आपात सेवाएं, पोस्टमॉर्टम एवं कोविड संबंधी सेवाएं इस हड़ताल से अप्रभावित हैं ।

सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले चिकित्सक पंजाब के छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं जिसने एनपीए को मूल वेतन से अलग कर दिया है ।

इसके अलावा डाक्टरों का विरोध इस बात को भी लेकर है कि वेतन आयेाग ने अपनी सिफारिश में एनपीए को 25 प्रतिशत से घटा कर 20 प्रतिशत कर दिया है।

राज्य में सरकारी डॉक्टर एनपीए के मसले पर पहले ही तीन बार हड़ताल कर चुके हैं ।

डाक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार उनके मुद्दे का समाधान नहीं करती है तो 19 जुलाई से वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जायेंगे ।

भाषा रंजन माधव

माधव


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