एर्नाकुलम में बेदखली का सामना कर रहे दलित परिवारों को सरकार ने भूमि और घर देने का वादा किया

एर्नाकुलम में बेदखली का सामना कर रहे दलित परिवारों को सरकार ने भूमि और घर देने का वादा किया

एर्नाकुलम में बेदखली का सामना कर रहे दलित परिवारों को सरकार ने भूमि और घर देने का वादा किया
Modified Date: June 2, 2026 / 04:26 pm IST
Published Date: June 2, 2026 4:26 pm IST

तिरुवनंतपुरम, दो जून (भाषा) केरल सरकार ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि अदालत के एक फैसले के बाद एर्नाकुलम जिले के परियथुकावू में बेदखली का सामना कर रहे सात दलित परिवारों को बेघर नहीं रहने दिया जाएगा। सरकार ने उन्हें वैकल्पिक भूमि और मकान देने का वादा किया है।

विधानसभा में कांग्रेस विधायक वी पी सजींद्रन द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘मैं इस सदन को आश्वस्त करता हूं कि सरकार किसी भी हालत में इन परिवारों को बेसहारा नहीं छोड़ेगी।’

सतीशन ने कहा कि यह विवाद एक निजी मामला था और अदालती निर्देशों के अनुपालन में पहले भी 14 बार बेदखली की कार्रवाई की जा चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार के कार्यभार संभालने के अगले ही दिन 15वीं बार बेदखली की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हमने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि एर्नाकुलम जिले के प्रभारी व उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने क्षेत्र का दौरा किया था और सरकार ने आगे की कार्यवाही के लिए उच्च न्यायालय से दो सप्ताह का समय प्राप्त किया है।

उन्होंने कहा कि मंत्री और स्थानीय विधायक इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने का प्रयास कर रहे हैं।

सतीशन ने कहा, ‘इन परिवारों को सूचित कर दिया गया है कि सरकार उन्हें जमीन देने और उनके लिए मकान बनाने के लिए तैयार है, और वे इस प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं।’

राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार ने भी कहा कि सरकार इस मुद्दे का समाधान तलाशने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

भाषा सुमित पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में