सरकार ने टेलीग्राम से ‘पायरेटेड’ सामग्री पर रोक लगाने को कहा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी

सरकार ने टेलीग्राम से ‘पायरेटेड’ सामग्री पर रोक लगाने को कहा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी

सरकार ने टेलीग्राम से ‘पायरेटेड’ सामग्री पर रोक लगाने को कहा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
Modified Date: July 4, 2026 / 02:45 pm IST
Published Date: July 4, 2026 2:45 pm IST

नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार ने ‘टेलीग्राम’ ऐप को नोटिस जारी कर उसके मंच के जरिये ‘पायरेटेड’ (कॉपीराइट धारक की अनुमति के बिना अवैध रूप से इस्तेमाल कर साझा की गई) फिल्मों, ओटीटी (‘ओवर-द-टॉप’) सामग्री और अन्य दृश्य-श्रव्य सामग्री के ‘‘बड़े पैमाने पर प्रसार’’ पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। सरकारी अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम से इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर देने को कहा है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार का यह रुख ‘पायरेटेड’ सामग्री को टुकड़ों में हटाने के बजाय ‘‘मंच की जवाबदेही’’ तय करने की दिशा में बदलाव को दर्शाता है।

ऐसा बताया जा रहा है कि मंत्रालय ने टेलीग्राम से कहा है कि कॉपीराइट का उल्लंघन केवल दीवानी उल्लंघन नहीं, बल्कि कॉपीराइट अधिनियम, 1957 और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत फौजदारी अपराध भी है।

टेलीग्राम को जून में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की पुनर्परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक को रोकने के लिए भारत में अस्थायी रूप से एहतियातन ‘ब्लॉक’ (प्रतिबंधित) कर दिया गया था।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि टेलीग्राम केवल इस बात का इंतजार नहीं कर सकता कि सरकार कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक चैनल की एक-एक करके पहचान करे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत अपेक्षित समुचित सावधानी बरतने की बात को साबित करने के लिए केवल शिकायत मिलने पर एक-एक चैनल को हटाने का तरीका पर्याप्त नहीं हो सकता।’’

टेलीग्राम को यह नोटिस केंद्र द्वारा हाल में ‘मेटा’ के खिलाफ की गई नियामकीय कार्रवाई के बाद जारी किया गया है। सरकार ने बुधवार को भारत में व्हाट्सऐप के विवादस्पद ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर मेटा को नोटिस दिया था।

इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों को इंटरनेट कंपनी मेटा को तलब करने का निर्देश दिया है। यह कदम मेटा के मंच इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के आरोपों के बाद उठाया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम और एक अन्य संदेश सेवा ऐप ‘सिग्नल’ को उनके मौजूदा ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर नोटिस जारी किए हैं।

इस बीच, सूत्रों ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निर्माताओं, ओटीटी मंचों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए टेलीग्राम के शिकायत निवारण तंत्र का विवरण भी मांगा है।

उन्होंने कहा कि टेलीग्राम को याद दिलाया गया है कि एक मध्यस्थ के रूप में उसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत समुचित सावधानी बरतना आवश्यक है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री लगातार उपलब्ध रहने, नियमों के पालन से बचने के प्रयास या अधूरा जवाब दिए जाने पर लागू कानूनी ढांचे के तहत आगे जांच और कार्रवाई की जा सकती है।’’

अधिकारी ने कहा कि यह कदम भारत में सामग्री बनाने वालों से जुड़ी अर्थव्यवस्था, फिल्म उद्योग, प्रसारकों, ओटीटी मंचों, निर्माताओं और वितरकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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