सरकार ने जम्मू वायुसेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौंपी

सरकार ने जम्मू वायुसेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौंपी

सरकार ने जम्मू वायुसेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौंपी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: June 29, 2021 6:28 am IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) जम्मू हवाई अड्डा परिसर में स्थित वायु सेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच मंगलवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी गई।

भारतीय वायुसेना स्टेशन पर अपनी तरह के ऐसे पहले आतंकवादी हमले की जांच एनआईए को सौंपने का फैसला गृह मंत्रालय ने किया। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू वायु सेना स्टेशन पर हमले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है।

जम्मू में भारतीय वायु सेना के स्टेशन पर शनिवार देर रात दो ड्रोन से विस्फोटक गिराए गए थे, जिसमें दो जवान मामूली रूप से घायल हो गए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों का देश के किसी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान पर इस तरह का यह पहला ड्रोन हमला है। पहला विस्फोट शनिवार देर रात एक बजकर 40 मिनट के आसपास हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट उसके छह मिनट बाद हुआ। पहले धमाके में शहर के बाहरी सतवारी इलाके में भारतीय वायुसेना द्वारा संचालित हवाई अड्डे के उच्च सुरक्षा वाले तकनीकी क्षेत्र में एक मंजिला इमारत की छत को नुकसान हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट जमीन पर हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन द्वारा गिरायी गई विस्फोटक सामग्री आरडीएक्स और अन्य रसायनों के मिश्रण का उपयोग कर बनायी गई हो सकती है, लेकिन इस बारे में अंतिम पुष्टि होने का इंतजार है। जांचकर्ताओं ने हवाई अड्डे की चारदीवारी पर लगे कैमरों सहित सीसीटीवी फुटेज खंगाला है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन कहां से आए थे। हालांकि सभी सीसीटीवी कैमरे सड़क की ओर लगे थे।

अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन ने विस्फोटक सामग्री गिराई और वे रात के दौरान या तो सीमा पार या किसी अन्य स्थान चले गए। जम्मू हवाई अड्डे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच हवाई दूरी 14 किलोमीटर है। हवाई अड्डा परिसर स्थित वायुसेना स्टेशन में किसी को भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं है और एनआईए की एक टीम समेत अन्य जांच दल मौके पर मौजूद बारीक से बारीक साक्ष्य को एकत्र कर रहे हैं।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


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