लघु, सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने किये हैं तमाम प्रयास : केंद्र
लघु, सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने किये हैं तमाम प्रयास : केंद्र
नयी दिल्ली, पांच दिसम्बर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि देश के लघु एवं सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी बैंकों से ऋण की राशि दो लाख रुपये तक बढ़ाने, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को सशक्त बनाकर इसके जरिये 57 सेवाएं उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय सहकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना सहित तमाम प्रयास किये जा रहे हैं।
सहकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रामशंकर कठेरिया द्वारा पूछे गये एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से ऐतिहासिक कार्य किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों को जैविक खेती की दिशा में अग्रसर करने के लिए ‘मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक सोसाइटी’ और ‘मल्टी-स्टेट सीड सोसाइटी’ की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि किसानों को दोगुना ऋण देने की व्यवस्था भी की गयी है।
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में यादव ने कहा कि एकीकृत सामूहिक खेती का लक्ष्य हासिल करने के लिए भी लगातार काम हो रहा है तथा पिछले साल किसानों को दो लाख रुपये तक का ऋण देने का फैसला किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इसे और भी बढ़ाया जाएगा।
जनता दल (यूनाइटेड) सांसद महाबली सिंह ने पैक्स का सशक्त बनाये जाने के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा। इस पर वर्मा ने कहा कि सरकार की योजना ‘पैक्स’ के तहत 2000 जनऔषधि केंद्र खोलने की है और दिसंबर तक 1000 केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘पैक्स’ के जरिये 57 तरह के कार्य धरातल पर लाने की दिशा में मंत्रालय प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कोई भी गांव, क्षेत्र ऐसा न हो जहां ‘पैक्स’ का काम न हो।
कांग्रेस के फ्रांसिस सरदिन्हा ने केरल में कई सहकारी बैंकों और समितियों के दिवालिया होने के कारण निवेशकों का पैसा डूबने का मामला उठाया और सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि निवेशकों के पैसे वापस मिल जाएं।
इस पर वर्मा ने कहा कि तीन करोड़ से ज्यादा निवेशकों ने 80 हजार करोड़ से अधिक के दावे किये थे, जिसके सत्यापन का काम पूरा हो गया है और सरकार ने काफी निवेशकों के पैसे वापस कर दिये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने 5000 करोड़ रुपये उच्चतम न्यायालय के आदेश के जरिये लिए हैं और जरूरी पड़ने पर और राशि लेंगे। सभी निवेशकों का एक-एक पैसा वापस किया जाएगा।’’
भाषा सुरेश वैभव
वैभव

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