रोहतक से दिल्ली तक ‘हरित गलियारा’ बना 85 मिनट में पहुंचाया गया हृदय
रोहतक से दिल्ली तक ‘हरित गलियारा’ बना 85 मिनट में पहुंचाया गया हृदय
नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) जरूरतमंद मरीज में प्रतिरोपित किये जाने के लिये एक दानदाता के जीवित हृदय को लेकर एक एंबुलेंस ने रोहतक से राष्ट्रीय राजधानी तक की 98 किलोमीटर से अधिक की दूरी 85 मिनट में पूरी की। इसके लिए नौ अप्रैल को एक ‘हरित गलियारा’ बनाया गया था।
इसमें कहा गया है कि दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए ‘हरित गलियारे’ की मदद से एंबुलेंस ने अपराह्न 2.50 बजे से 4.15 बजे के बीच यह दूरी तय की, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि महत्वपूर्ण समय सीमा के भीतर हृदय कार्यशील बना रहे।
ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह अंग पं. बी.डी. शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस), रोहतक में 37 वर्षीय ‘ब्रेन-डेड’ दाता से प्राप्त किया गया था और प्रतिरोपण के लिए दिल्ली के अस्पताल में लाया गया था।
बयान में कहा गया है कि गंभीर डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी से पीड़ित प्राप्तकर्ता 26 वर्षीय मरीज में सफल प्रतिरोपण किया गया और वर्तमान में आईसीयू में उसकी गहन निगरानी की जा रही है।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला के एडल्ट सीटीवीएस के अध्यक्ष डॉ. जेड एस. मेहरवाल ने कहा, “यह मामला सफल हृदय प्रतिरोपण सुनिश्चित करने में सटीक समन्वय और समय पर अंग परिवहन के महत्व को उजागर करता है।”
अंगदानकर्ता बेहोशी की हालत में मिला था और उसे मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया था, जहां बाद में उसे ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया गया। परिवार ने अंगदान के लिए सहमति दी, जिससे कई जीवन रक्षक प्रतिरोपण संभव हो सके।
बयान के अनुसार, फेफड़ों को गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल में भेजा गया, जबकि यकृत और अग्न्याशय को नई दिल्ली के एम्स को आवंटित किया गया।
इसमें आगे कहा गया है कि गुर्दे और कॉर्निया को पीजीआईएमएस रोहतक में ही रखा गया है।
भाषा प्रशांत रंजन
रंजन

Facebook


