गुजरात: फर्जी सरकारी कार्यालय और रियल एस्टेट धोखाधड़ी में 152.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क
गुजरात: फर्जी सरकारी कार्यालय और रियल एस्टेट धोखाधड़ी में 152.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क
अहमदाबाद, 17 अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात में फर्जी सरकारी कार्यालय संचालित करने और रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के दो अलग-अलग मामलों में सोमवार को 152.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं।
जांच एजेंसी के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने बताया कि उसने 2023 में दाहोद जिले में सामने आए फर्जी सरकारी कार्यालय घोटाले के संबंध में 22.7 करोड़ रुपये की चल व अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। इसके अलावा अहमदाबाद में रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में 129.80 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
अधिकारियों ने दाहोद में फर्जी सरकारी कार्यालयों के जरिए सरकारी धन की हेराफेरी करने और अहमदाबाद में फर्जी आवास योजनाओं के जरिए कई घर खरीदारों को ठगने वाले मुख्य आरोपियों की जमीन, म्यूचुअल फंड में निवेश और बैंक खातों में जमा राशि पर रोक लगाई
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसने दाहोद में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में अबुबकर जाकिरअली सैयद और उसके परिवार के सदस्यों तथा सहयोगियों की संपत्तियां कुर्क की हैं।
आरोपियों ने कथित तौर पर दाहोद जिले में सिंचाई और जल संसाधन विभाग के छह फर्जी सरकारी कार्यालय बनाए और “सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं” के नाम पर करोड़ों रुपये की सरकारी राशि हासिल की।
पूर्व आईएएस अधिकारी बीडी निनामा इस मामले में गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों में से एक थे।
बयान के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों का रूप धारण किया, फर्जी मुहर और हस्ताक्षर बनाए, फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी से सरकारी राशि हासिल की।
बयान में कहा गया है कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने साजिश के तहत 121 फर्जी कार्यों को मंजूरी दिलाई और धोखाधड़ी से सरकारी धन हासिल किया।
बयान के अनुसार, उन्होंने इस धन को बैंक खातों के जटिल नेटवर्क के जरिए इधर-उधर किया और बाद में इसका इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने, निवेश करने और अन्य कामों में किया।
जांच एजेंसी ने बताया कि उसने सात जमीनों, म्यूचुअल फंड में निवेश और विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि समेत 22.7 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं।
एक अन्य मामले में ईडी ने अहमदाबाद में आवास धोखाधड़ी की जांच शुरू की और 129.8 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कीं।
यह जांच नवरंगपुरा और बोपल थानों में आरोपियों रोनक सोनानी, विपुल गंगानी और अन्य के खिलाफ दर्ज पांच प्राथमिकियों के आधार पर शुरू की गई थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने आम घर खरीदारों, छोटे निवेशकों, कारोबारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को ठगा।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप

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