Baba Ramdev On Mental Maoist: देश में आखिर कौन है दिमागी नक्सली? IBC24 पर स्वामी रामदेव ने इनकी ओर किया इशारा, कहा- नहीं होने चाहिए अराजक लोग

देश में आखिर कौन है दिमागी नक्सली? IBC24 पर स्वामी रामदेव ने इनकी ओर किया इशारा, Baba Ramdev On Mental Maoist

Baba Ramdev On Mental Maoist: देश में आखिर कौन है दिमागी नक्सली? IBC24 पर स्वामी रामदेव ने इनकी ओर किया इशारा, कहा- नहीं होने चाहिए अराजक लोग
Modified Date: August 17, 2026 / 10:10 pm IST
Published Date: August 17, 2026 10:09 pm IST

रायपुरः Baba Ramdev On Mental Maoist योग गुरु स्वामी रामदेव सोमवार को मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ के नंबर 1 न्यूज चैनल IBC24 के दफ्तर पहुंचे। उनके साथ आचार्य बालकृष्ण और भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एन. पी. सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान IBC24 के एडिटर-इन-चीफ रवि कांत मित्तल ने बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और एन. पी. सिंह से कई मुद्दों पर सवाल किए।

Baba Ramdev On Mental Maoist स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी के दिमागी नक्सली वाले बयान के सवाल पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी को ‘बौद्धिक नक्सली’ या ‘बौद्धिक आतंकवादी’ कहने के बजाय ‘बौद्धिक रूप से भ्रमित लोग’ कहना अधिक उचित और कम चुभने वाला शब्द है। उन्होंने कहा कि इस देश में बौद्धिक रूप से भ्रमित लोग बहुत है। वो खुद भी भ्रमित रहते हैं और बच्चों के साथ-साथ जवानों को भी भ्रमित करते हैं। इतना ही नहीं कुछ लोग तो ऐसे भ्रम फैलाते हैं कि देश में कुछ अच्छा ही नहीं हो रहा है। देश तो गर्त में जा रहा है। उनकी बात सुनों तो ऐसा लगता है कि भाई कल को प्रलय हो जाएगा और देश खत्म हो जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें अपनी ताकत को समझना चाहिए और उसका उसका उपयोग देश को आगे बढ़ाने में करना चाहिए। अपनी कमजोरियों का भी मूल्यांकन करना चाहिए और उसमें निरंतर सुधार करना चाहिए। यही हमारा लोकतंत्र और हमारा संविधान सिखाता है और हमारे पूर्वजों ने भी ऐसा ही किया है। कुलमिलाकर देश में बौद्धिक रूप से अराजक लोग नहीं होने चाहिए।

भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एन. पी. सिंह ने कहा कि देश में कहा जाता रहा है कि व्यवस्था का क्रिटिकल एग्जामिनेशन या क्रिटिकल एनालिसिस किया जाना चाहिए। क्रिटिक्लेटी का अर्थ कभी-कभी लोग सिर्फ नेगेटिव ही मानते हैं। लेकिन आलोचना का अर्थ केवल नकारात्मक बातें करना नहीं है। बौद्धिक होने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति हर विषय में केवल प्रहार करे या हर चीज में कमी निकाले। उन्होंने कहा कि किसी व्यवस्था का सम्यक विश्लेषण करते समय उसके सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों पक्षों को देखना चाहिए। एक बौद्धिक व्यक्ति वही है, जो किसी व्यवस्था का निष्पक्ष विश्लेषण करे, दूसरों की बात सुने और उसके बाद अपनी बात रखे।

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