हरदीप सिंह गिल और कर्म सिंह कर्मा ने एनसीएसके के सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला

हरदीप सिंह गिल और कर्म सिंह कर्मा ने एनसीएसके के सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला

हरदीप सिंह गिल और कर्म सिंह कर्मा ने एनसीएसके के सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला
Modified Date: February 25, 2026 / 04:14 pm IST
Published Date: February 25, 2026 4:14 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) हरदीप सिंह गिल और कर्म सिंह कर्मा ने 23 फरवरी को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान से यह जानकारी सामने आयी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, गिल जिला और राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और सामुदायिक विकास पहलों में योगदान देते रहे हैं।

उन्होंने नशे पर रोकथाम, सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक गतिविधियों और युवा सशक्तीकरण समेत विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चलाए गए अभियानों में भाग लिया है। वह स्वच्छता अभियानों और जमीनी स्तर के कार्यक्रमों में भी शामिल रहे हैं।

कर्मा अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हैं और सफाई कर्मचारियों एवं वंचित समुदायों के कल्याण से संबंधित पहलों से जुड़े रहे हैं।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, गरिमा, पेशेवर सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा की वकालत की है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, आजीविका सहायता और नीतिगत प्रतिनिधित्व से संबंधित मुद्दों को उठाया है।

मंत्रालय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों सदस्य देश भर में सफाई कर्मचारियों के कल्याण, गरिमा और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के प्रयासों को मजबूत करने में योगदान देंगे।

एनसीएसके का गठन 12 अगस्त, 1994 को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी अधिनियम, 1993 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया गया था। शुरू में इसका गठन तीन साल की अवधि यानी 31 मार्च, 1997 तक के लिए किया गया था। इस अधिनियम की धारा एक की उपधारा (4) के अनुसार, आयोग को उस तिथि के बाद अस्तित्व में नहीं रहना था।

हालांकि, बाद में 1997 और 2001 में पारित संशोधन अधिनियमों के माध्यम से अधिनियम की वैधता को मार्च 2002 तक और फरवरी 2004 तक बढ़ा दिया गया था।

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी अधिनियम, 1993 के 29 फरवरी, 2004 को समाप्त हो जाने के बाद से आयोग सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन एक गैर-वैधानिक निकाय के रूप में कार्य कर रहा है।

भाषा संतोष राजकुमार

राजकुमार


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