हरियाणा : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक समेत चार लोग गिरफ्तार
हरियाणा : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक समेत चार लोग गिरफ्तार
चंडीगढ़, 25 फरवरी (भाषा) हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से दो लोग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी और दो अन्य एक साझेदार कंपनी के मालिक हैं।
अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारियां मंगलवार शाम को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले की जारी जांच के तहत की गईं।
पंचकूला में मीडिया से बात करते हुए एसीबी के महानिदेशक ए एस चावला ने गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान रिभव ऋषि, अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला के रूप में की।
उन्होंने बताया कि ऋषि और अभय आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं, जबकि स्वाति और अभिषेक भाई-बहन हैं जो ‘स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट’ नामक एक फर्म चलाते थे।
चावला ने बताया कि ऋषि छह महीने पहले तक बैंक की सेक्टर-32 शाखा के प्रमुख थे और इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
उन्होंने बताया कि बैंक के ‘रिलेशनशिप मैनेजर’ अभय ने पिछले साल अगस्त के आसपास नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि ऋषि और अभय ने मिलकर इस धोखाधड़ी की साजिश रची थी।
अधिकारी ने बताया कि ‘स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट’ कंपनी के बैंक खाते में कुल 300 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए।
उन्होंने बताया कि कंपनी की मुख्य मालिक स्वाति सिंगला हैं, जो 75 प्रतिशत शेयरधारक हैं, जबकि उनके भाई अभिषेक सिंगला के पास शेष 25 प्रतिशत शेयर हैं।
चावला ने कहा, ‘‘स्वाति सिंगला अभय की पत्नी हैं। हमने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।’’
इससे पहले, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि राज्य सरकार ने धोखाधड़ी की जांच के लिए एक समिति गठित की थी।
आईडीएफसी बैंक ने हरियाणा सरकार के खातों में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा की गई 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सरकार इस धोखाधड़ी में शामिल किसी को भी बख्शेगी नहीं।
विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की है।
भाषा
शफीक मनीषा
मनीषा

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