Haryana Mudslide Case: सोसाइटी में कर रहे थे खुदाई का काम, अचानक हो गया ये बड़ा हादसा, देखते ही देखते चली गई इतने मजदूरों की जान

Haryana Mudslide Case in Delhi-Jaipur Highway

Haryana Mudslide Case: सोसाइटी में कर रहे थे खुदाई का काम, अचानक हो गया ये बड़ा हादसा, देखते ही देखते चली गई इतने मजदूरों की जान
Modified Date: March 10, 2026 / 12:25 am IST
Published Date: March 9, 2026 11:34 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गुरुग्राम के कापड़ीवास गांव में निर्माणाधीन सोसाइटी में मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा।
  • हादसे में 9 मजदूरों की मौत, कई अन्य मजदूर घायल बताए जा रहे हैं।
  • भिवाड़ी जिला अस्पताल में शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी, पुलिस जांच में जुटी।

गुरुग्राम। Haryana Mudslide Case: हरियाणा के गुरुग्राम में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान खुदाई करते समय अचानक मिट्टी धंसने से कम से कम 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

Haryana Mudslide Case: जानकारी के अनुसार यह हादसा गुरुग्राम के कापड़ीवास गांव में एक निर्माणाधीन सोसाइटी ‘ग्लोबल सिग्नेचर’ प्रोजेक्ट में सोमवार रात करीब 9 बजे हुआ। खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद घायलों और मृतकों को तुरंत पास के भिवाड़ी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 9 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। सभी शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। अस्पताल में देर रात तक शवों को लाने का सिलसिला जारी रहा।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान उनके पास मिले आई कार्ड के आधार पर की जा रही है। अब तक इंद्रजी सादा (32), भागीरथ गोपी, छोटेलाल सादा (37), शिव शंकर (31), शिवकांत चौधरी (47) और मंगतराम (32) के रूप में कुछ मजदूरों की पहचान हो चुकी है। इन आई कार्डों पर पता मानेसर का दर्ज है। बताया जा रहा है कि मृतक मजदूरों में कोई हेल्पर, कोई फिटर और कोई मशीन ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा था। घटना के बाद मजदूरों के परिजन अपने परिजनों की तलाश में अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हादसा किन कारणों से हुआ।

इन्हें भी पढ़ेंः-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।